बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार को कार की टक्कर शराब कंपनी के बाइक सवार एरिया मैनेजर आदित्य यादव की मौत के बाद जाम और राहगीर की कार में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर हमले का आरोप भी लगा है। कार्रवाई के शिकार बने 45 लोगों की भीड़ में पांच लोगों के नाम भी खोले गए हैं। इनमें तीन लोग मृतक के परिजन और एक रिश्तेदार शामिल है।
कोतवाली में बुधवार देर रात थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि आदित्य यादव की मौत के बाद लोगों की भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान आगरा निवासी अजय कौशिक की कार में तोड़फोड़ भी की गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ में शामिल लोगों ने हमला कर दिया। सरकारी कार्य में बाधा भी डाली गई। हाईवे पर तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस ने करीब 45 लोगों पर कार्रवाई की है। इनमें बुटला के देवसिंह, महेंद्र, भूरा कोतवाली क्षेत्र के ही गांव देवरमई के द्वारिकी समेत भैंसोरा निवासी बृजभान के नाम का खुलासा कर दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि भीड़ में शामिल लोगों को चिह्नित करने के लिए पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।
बुधवार को बुटला स्थित अपने घर से बदायूं जाते समय शराब कंपनी को मैनेजर आदित्य यादव को पीछे से कार ने रौंद दिया था। आदित्य की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद गुस्साए लोगों की भीड़ ने हाईवे पर जाम लगाकर कार में तोड़फोड़ कर दी थी। इधर, मृतक के घरवालों की मानें तो जिन लोगों ने जाम लगाया, वह आसपास इलाके के ही थे।
कासगंज की निकली टक्कर मारने वाली कार
उझानी। हादसे के बाद से पुलिस के कब्जे में मौजूद कार कासगंज के एक व्यापारी की निकली। चालक हालांकि हादसे के बाद खुद ही कोतवाली पहुंच गया था, वह अब तक पुलिस की हिरासत में है। पुलिस ने उससे पूछताछ भी की है। पुलिस ने कार मालिक को भी तलब किया है। इसके बाद ही चालक की गिरफ्तारी और जमानत की औपचारिकता पूरी होगी।