पुलिस के रिपोर्ट न लिखने से नाराज छात्रा ने जहर खाया
30 मई को कॉलेज से लौटते समय छात्रा को किया गया था अगवा
चार दिन बाद रविवार को चंदौसी में बेसुध पड़ी मिली थी
बिसौली पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय कसम खिलाकर घर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बिसौली। पुलिस के अपहरण की रिपोर्ट न लिखने से क्षुब्ध होकर बीए की छात्रा ने जहर खा लिया। परिवार वालों के इलाज कराने पर छात्रा की जान तो बच गई, लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। छात्रा के दोबारा बिसौली कोतवाली जाने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय छात्रा को कसम खिलाकर घर लौटा दिया।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली बीएससी की एक छात्रा 30 मई को कॉलेज गई थी।
कॉलेज से घर लौटते समय उसे फैजगंज निवासी तीन युवक मिले, जिनमें एक छात्रा के कॉलेज का छात्र है। छात्रा के मुताबिक उसे युवक जबरन कार में डालकर चंदौसी ले गए। कार में उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया गया। होश आने पर छात्रा ने खुद को एक कमरे में बंद पाया। उसे होश में देखकर अपहरणकर्ताओं ने कुछ खाने को दिया। इसके बाद दोबारा नशा सुंघा दिया गया।
रविवार सुबह उसे होश आया तो संभल जिले के चंदौसी कस्बे में रोडवेज के निकट डॉ. अंबेडकर की मूर्ति के निकट पड़ा पाया। उसे लोग चारो ओर से घेरे खड़े थे। लोगों ने छात्रा को चंदौसी कोतवाली पहुंचा दिया। वहीं से छात्रा ने अपने पिता को फोन किया। इसके बाद छात्रा के पिता और बिसौली पुलिस चंदौसी गए। चंदौसी पुलिस ने छात्रा को बिसौली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बिसौली कोतवाली पहुंचने पर छात्रा के बार-बार कहने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने छात्रा के माता-पिता से जबरन एक कागज पर फैसला लिखवाकर घर भेज दिया।
पुलिस की इस कार्यर्शाली से छात्रा बेहद नाराज थी। उसने घर पहुंचने के बाद रात में गेहूं की कुठिया में रखी सल्फास की गोली खा लीं। उसकी हालत बिगड़ी तो परिवार वालों ने कस्बे के एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाकर भर्ती करा दिया। जहां इलाज के बाद छात्रा ठीक हो गई। छात्रा की मां ने बताया कि मेरी बेटी पुलिस के कार्रवाई न करने से नाराज है। सोमवार को छात्रा रिपोर्ट दर्ज कराने दोबारा बिसौली थाने गई। वहां के एक दरोगा ने छात्रा को दोबारा ऐसा न करने की कसम खिलाई, लेकिन घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। छात्रा के ज्यादा कहने पर दरेगा ने आत्महत्या करने की कोशिश करने के जुर्म में जेल भेजने की धमकी दी और कोतवाली से भगा दिया। एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। ऐसा कोई मामला है तो जांच कराई जाएगी।