उसावां (बदायूं)। बुधवार शाम डेयरी से घर लौट रही किशोरी से गांव के ही एक युवक ने सरकारी स्कूल में ले जाकर दरिंदगी की। दो दिन तक पुलिस मामले को दबाए रही और आरोपी पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाते रहे। वह नहीं माने तो रिपोर्ट लिखकर आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी 20 दिसंबर को शाम छह बजे गांव की डेयरी पर दूध लेने गई थी। वहां से लौटते समय गांव का ही एक युवक रास्ते में मिल गया। वह किशोरी को जबर्दस्ती गांव के प्राइमरी स्कूल में ले गया। वहां स्कूल परिसर में उसने किशोरी के साथ दुराचार किया। युवक के चंगुल से छूटकर किशोरी घर पहुंची और घटना के बारे में परिवार को बताया। गुरुवार को ही पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा पर पुलिस ने तहरीर लेकर रख ली। इस बीच आरोपी पक्ष किशोरी के घरवालों पर समझौते का दबाव बनाता रहा। किशोरी के पिता कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे और शुक्रवार रात फिर थाने पहुंचकर आरोपी पर कार्रवाई करने को कहा। प्रभारी थानाध्यक्ष लक्ष्मण चंद्र राजभर ने किशोरी के पिता की तहरीर पर गांव निवासी हृदयेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। नामजद युवक को थाना पुलिस ने शनिवार सुबह कस्बे के नजदीक पकड़ लिया। इसकी सूचना सीओ दातागंज एसके सिंह को दी। सीओ ने थाने आकर पीड़ित किशोरी और पकड़े गए युवक से घटना के संबंध में जानकारी की। इसके बाद किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। वहीं, आरोपी युवक को जेल भेजा दिया गया। किशोरी एक निजी स्कूल में कक्षा छह की छात्रा है।
----
थाना पुलिस की भूमिका निराशाजनक
बदायूं। पीड़ित किशोरी के मामले में थाना पुलिस की भूमिका बेहद निराशाजनक रही। पीड़ित परिवार के मुताबिक दो दिन तो पुलिस उन्हें दुनियादारी और बदनामी का डर दिखाकर समझौता करने के लिए कहती रही। मेडिकल परीक्षण कराने भेजा तो कागजों पर न तो केस संख्या डाली और न ही धारा दर्ज की। इससे मेडिकल स्टाफ ने ऐतराज जताया तो कागजात पूरे कराए गए। वहीं घटना के वक्त पहने हुए किशोरी के कपड़े जो मेडिकल परीक्षण के दौरान स्टाफ प्रिजर्व करता है, वह पुलिस ने ही सील कर दिए। किशोरी के पिता ने कहा कि वह दोषी को सख्त सजा दिलाकर ही दम लेंगे।