फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यह तो डकैती हुई न लूट, दर्ज की चोरी के अंदाज में एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)।
विज्ञापन

बारह दिन के दौरान यहां दो ऐसी घटनाएं हुईं, जिनके पीड़ितों की सुनकर हकीकत पर गौर करें तो कच्छा-बनियानधारी गिरोह के सदस्यों ने माल समेटने के लिए क्या कुछ नहीं कर डाला। गृहस्वामियों समेत उनके घरवालों को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया गया। धमकाकर महिलाओं के जेवरात भी उतरवाए लेकिन पुलिस रिकार्ड देखने पर यही लगेगा, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जो डकैती और लूट की धाराओं से ताल्लुक रख पाए। एफआईआर का मजमून भी यही दिखा रहा है कि चोर घुसे और जाग होने पर मारपीट कर निकल गए।
गंभीर अपराध की धाराओं में खेल की असलियत पुलिस से अच्छा शायद ही कोई और जान पाए लेकिन पीड़ित परिवार के लोग तो यही कहेंगे कि लहूलुहान कर बदमाशों ने उनकी कमाई पर डाका डाल लिया। यह इसलिए भी कि रविवार की रात मंडी समिति के कर्मचारी सुग्रीव सिंह और इससे 12 दिन पहले फतेहपुर गांव में पुष्पेंद्र ने घटना के बाद चीख-चीखकर कहा कि बदमाशों की संख्या आधा दर्जन से अधिक थी, सभी कच्छा और बनियान पहने थे। फतेहपुर की घटना में घायल पुष्पेंद्र और उसका भाई श्याम तो सुग्रीव के घर में लहूलुहान उसके बेटे कुलदीप, मनोज और दुर्वेश पुलिस को कौन सा सबूत दें कि बदमाशों ने घुसते ही उन्हें दबोच लिया और बेरहमी से पीटा। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट भी बदमाशों के तांडव की ओर इशारा करती है। फिर भी पुलिस ने दोनों घटनाएं आईपीसी की धारा- 382 के तहत दर्ज की। मसलन- चोर घर में घुसे लेकिन माल समेट कर जाते वक्त जाग होने पर मारपीट कर खिसक गए। बता दें कि पुलिस पीड़ितों के अनुरूप एफआईआर दर्ज करती तो मामला डकैती का बनता। ऐसे में घटना बहुत बड़ी हो जाती।
विज्ञापन

---------------
पुलिस ने दबिश देकर संदिग्धों को तलाशा
उझानी। मंडी सहायक सुग्रीव सिंह के घर में डकैती की घटना के बाद पुलिस की तीन टीमों ने सोमवार रात और मंगलवार दिन में कई स्थानों पर दबिश दी। हालांकि पुलिस को वर्कआउट की दिशा में कोई क्लू नहीं मिल पाया है लेकिन उसकी नजर ऐसे युवकों पर भी जो परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बाद भी जीवन रईसों जैसा गुजार रहे हैं। पुलिस ने अपने सूत्रों के जरिए उन लोगों को रडार पर ले लिया जो पिछले सालों में गंभीर घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस की एक टीम के मुखिया दरोगा संजय शर्मा ने बताया कि हर पहलू पर तहकीकात की जा रही है। जल्द ही बदमाश गिरोह पुलिस की पकड़ में आ जाएगा।
विज्ञापन

----------------
चोरियों की फेहरिस्त में कई बड़ी घटनाएं
उझानी। नगर समेत आसपास इलाके में चोरी की घटनाएं तो अमूमन होती रही है लेकिन मई महीना से शुरू हुई फेहरिस्त पर गौर करें तो सराय स्वाले का मंदिर, गौतमपुरी मोहल्ले में वीरपाल और शिक्षक सोनू बालिया, हजरतगंज निवासी भाजपा कार्यकर्ता प्रदीप ठाकुर, किलाखेड़ा मोहल्ले के आकाश शर्मा, कुआडांडा गांव के सैनिक प्रमोद शाक्य, भदवारगंज मोहल्ले में दुकानदार सोनू मौर्य, भाजपा नेता अमित प्रताप सिंह, अहीरटोला मोहल्ले में ओमपाल, बहादुरगंज मोहल्ले में व्यापारी महेशचंद्र साहू, पथरघटा गांव के धर्मसिंह वर्मा को चोरियों में लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। अभी तक इनमें से पुलिस एक भी घटना का वर्कआउट नहीं कर पाई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें