उझानी (बदायूं)।
कादरचौक क्षेत्र के रास्ते बृहस्पतिवार तड़के रेलवे स्टेशन के पास पहुंची बालू लदी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस ने पकड़ लिया। मांगने पर ट्रैक्टर चालक पुलिस कर्मियों को खनन की रॉयल्टी की रसीद नहीं दिखा पाए। कार्रवाई के बाद हालांकि धंधेबाज सक्रिय हो गए लेकिन पुलिस ने ट्रॉलियों को कोतवाली गेट पर लाकर खड़ी करा दिया। पुलिस ने तीनों ट्रैक्टरों को सीज कर दिया है।
बालू-लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पकड़े जाने का मामला इस सप्ताह दूसरी बार सामने आया है। पांच दिन पहले भी पुलिस ने पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा था लेकिन उस वक्त चालकों ने अपने पैरोकारों को कोतवाली बुलाकर रॉयल्टी की रसीदें प्रस्तुत कर वाहनों को छुड़ा लिया था। बृहस्पतिवार तड़के रेलवे स्टेशन के पास पुलिस कर्मियों को बालू लदी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिलीं तो उन्होंने दरोगा राकेश कुमार को मौके पर बुला लिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों को खनन के स्थान और उनकी रॉयल्टी रसीदों के बारे में पूछा तो तीनों में से एक भी चालक रसीद नहीं दिखा पाया। बाद में ट्रॉलियों को कोतवाली लाकर गेट पर खड़ा करा दिया गया। दरोगा का कहना है कि यहां कछला में बालू का डंपिंग ग्राउंड है लेकिन बालू दूसरे रास्ते से आ रही है। बताते हैं कि यही रास्ता कादरचौक के गांव जोरीनगला की ओर जाता है। जोरीनगला में खनन को लेकर पुलिस के संज्ञान में शिकायतें भी आती रही हैं।
------------------
कृषि कार्य के ट्रेक्टर लगे व्यावसायिक काम पर
उझानी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बालू लोड कर लाए जाने के मामले में जानकारों की मानें तो कृषि कार्य के इस्तेमाल वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक प्रयोग नहीं किया जा सकता। व्यावसायिक कामकाज के लिए ट्रैक्टर मालिकों को आरटीओ कार्यालय से परमिट हासिल करना होता है। पुलिस समेत प्रशासनिक अफसर भी इसे अच्छी तरह जानते हैं लेकिन किसी ने भी इसे लेकर प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत महसूस नहीं की है।
---------------------
वर्जन
ट्रेक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक कामकाज के लिए परमिट हासिल करने की प्रक्रिया अलग है। इलाके में जो ट्रैक्टर-ट्रॉली लोडिंग में लगे हैं उनके पास व्यावसायिक परमिट नहीं है। ऐसा ही एक मामला सामने आने पर उन्होंने कार्रवाई भी की थी। परमिट बरेली के संभागीय कार्यालय से जारी किए जाते हैं।
- अमिताभ राय, एआरटीओ