जांच टीम ने पोस्टमास्टर जनरल को भेजी रिपोर्ट
एटीएम कार्ड चोरी कर ग्राहकों के खातों से निकाली गई थी रकम
डाक विभाग के एटीएम लिंक से जुड़े खातों से एटीएम कार्ड चोरी कर गबन की गई रकम को ट्रेस कर लिया गया है। घोटाला अब तक 25 लाख रुपये का माना जा रहा था। जांच में पता लगा है कि ये करीब 71.26 लाख रुपये का है। विभागीय जांच रिपोर्ट पोस्ट मास्टर जनरल बरेली को भेज दी गई है। देर-सवेर मामले में विभागीय कार्रवाई के साथ आरोपियों से रिकवरी भी शुरू हो जाएगी।
डाक विभाग ने कुछ दिन पहले ही एटीएम सेवा शुरू की थी। डाक कर्मियों ने एटीएम लिंक वाले 248 खातों से एटीएम कार्ड चोरी कर खातों से रकम निकाल ली थी। दस जुलाई को गबन सामने आया था। पहले बताया गया था कि घोटाला करीब 25 लाख रुपये का है। खुलासा होने पर सहायक अधीक्षक डाक घर पूर्वी सुनत गुड़वा ने सिविल लाइंस थाने में डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश गुप्ता पुत्र हरीओम गुप्ता और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र राम विलास के खिलाफ चोरी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को निलंबित कर दिया गया। गबन का खुलासा होने के बाद 12 जुलाई को डाक विभाग के सिस्टम मैनेजर सचिन वर्मा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मुख्य डाक अधीक्षक आरबी मिश्रा को बदायूं से हटा कर मुरादाबाद अटैच कर दिया गया। विभाग ने एटीएम सेवा को तत्काल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया।
घोटाला की जांच के लिए विभाग ने पांच सदस्यों की टीम बनाई है। इसमें डाक विभाग के एएसपी श्री कृष्ण चंद्र, नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर आरबी सिंह, लक्ष्मण सिंह और सीआई विकास सोनी को शामिल किया गया। टीम ने करीब 250 खातों की पड़ताल की। जांच में पाया गया है कि एटीएम कार्ड चोरी कर करीब 71.26 लाख रुपये का गबन किया गया है। जांच रिपोर्ट पोस्ट मास्टर जनरल को भेज दी गई है।
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प्रधान डाकघर पोस्ट मास्टर पर अब तक कार्रवाई नहीं
बदायूं। घोटाला उजागर हुए करीब दो महीने बीतने को हैं। इसके बाद भी प्रधान डाक घर के पोस्ट मास्टर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डाक विभाग का एक सिस्टम मैनेजर सचिन वर्मा खुदकुशी कर चुका है। दो अन्य सिस्टम मैनेजर पर भी कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इन लोगों को सस्पेंड किया गया है, जिनका घोटाला से सरोकार नहीं है। जांच पूरी होने के बाद देखना है कि अब किन लोगों पर कार्रवाई होती है।
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यह विभागीय मामला है। पोस्ट मास्टर जनरल को समय-समय पर जांच टीम रिपोर्ट भेजती रहती है। हाल ही में एक रिपोर्ट भेजी गई है। पता लगा है कि कुल घोटाला ट्रेस हो चुका है। इस मामले में मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक