बदायूं। जिले में पहले उड़द खरीद और फिर गेहूं खरीद में घोटाले का खुलासा हुआ था। अब वजीरगंज में धान खरीद में घोटाला सामने आया है। इसमें करीब 11 लाख 40 हजार रुपये कीमत का 736 क्विंटल धान गवन किया गया। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक रामजी कुशवाह ने क्रय केंद्र प्रभारी और पीसीएफ गोदाम के जिला प्रबंधक के खिलाफ वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसकी जांच बिनावर पुलिस को सौंपी गई है।
जिले में सरकारी खरीद केंद्रों के एक-एक करके घोटाले सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पूर्व उड़द खरीद का घोटाला उजागर हुआ था। मंडी से करोड़ों रुपये का उड़द गायब कर दिया गया और फर्जी खरीददारी दिखा कर उसका भुगतान भी करा लिया गया। ठीक इसी तरह उड़द घोटाले की तर्ज पर जिले की मंड़ियों में गेहूं खरीद घोटाला शुरू हुआ। दातागंज मंडी में करीब डेढ़ करोड़ का गेहूं घोटाला हुआ। जबकि शहर की मंडी समिति में 48 लाख 23 हजार रुपये का गेहूं घोटाला हुआ। इस दौरान बिल्सी मंडी में भी गेहूं खरीद घोटाले की बात सामने आई परंतु यहां अभी तक किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। चर्चा है कि यहां घोटालेबाजों के सिर पर सफेदपोश नेता का हाथ है। इससे मामला दर्ज नहीं हो सका। यहां घोटाले बाजों से गेहूं रिकवरी होने की चर्चा है।
उड़द और गेहूं खरीद के घोटाले का मामला ठंडा नहीं पड़ा कि वजीरगंज में धान खरीद में घोटाला उजागर हुआ है। क्षेत्रीय प्रबंधक बरेली रामजी कुशवाह ने धान क्रय केंद्र प्रभारी अंकित गुप्ता और पीसीएफ गोदाम जिला प्रबंधक अनिल गुप्ता के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 476, 409 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। इन पर 11,40,800 रुपये का 736 क्विंटल धान गवन करने का आरोप है। इस मामले की जांच बिनावर पुलिस को सौंपी गई है। अभी इस मामले में किसी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक अभी मामले की जांच चल रही है।
कहां कौन हुआ नामजद
दातागंज कोतवाली में विपणन निरीक्षक राघवेंद्र की ओर से ठेकेदार ओमेंद्र गुप्ता, पवन गुप्ता, उमेश गुप्ता और अमर गुप्ता के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपये के गेहूं गवन करने की रिपोर्ट दर्ज है, जबकि सिविल लाइंस थाना में विपणन अधिकारी राजकुमार ने अनुभव सक्सेना, विजय गुप्ता और मुकेश के खिलाफ 48 लाख 23 हजार रुपये के गेहूं घोटाले का मुकद्दमा दर्ज कराया है। धान खरीद में अंकित गुप्ता और अनिल गुप्ता के खिलाफ वजीरगंज में रिपोर्ट लिखी गई है।
गिरफ्तारी से वंचित क्यों हैं घोटालेबाज
-करोंड़ों रुपये के गेहूं और धान घोटाले सामने आने के बाद बावजूद अभी तक किसी नामजद की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही पुलिस ने किसी आरोपी को तलाश किया है।