अस्पताल में कैसे रुकें चोरी, पांचों सीसीटीवी कैमरे खराब
पुलिस ने आगाह किया तो कैमरे सही कराने की पहल शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में चोरियां आखिर कैसे रुकें, अस्पताल के पांचों सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। अगर यह सही होते तो पिछले दिनों हुईं कई चोरियों का खुलासा करने में पुलिस को सफलता मिल सकती थी। वहीं रात में घूमने वाले असामाजिक तत्वों पर कोई रोकथाम के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से मरीजों के तीमारदार भी परेशान हैं।
हर सप्ताह करीब दो बाइक जिला अस्पताल परिसर से चोरी हो जाती हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के पिछले हिस्से में स्थित पेईंग वार्ड से ऑक्सीजन पाइप चोरी कर लिए गए थे। ककराला निवासी एक कर्मचारी ने कुछ लोगों को टेंपो में सामान ले जाते हुए देखने का दावा किया। हालांकि उसने अगले दिन सीएमएस डॉ. आरएस यादव को सूचना दी। अस्पताल में हुई चोरी की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने भी मुआयना किया। एक ओर जहां कर्मचारी चोरी की बात कह रहे थे वहीं पुलिस इसमें स्टाफ की भूमिका संदिग्ध मानकर चल रही थी। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद थी कि सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखकर सत्यता सामने आ जाएगी। जानकारी की गई तो मेन गेट से इमरजेंसी तक लगे पांचों कैमरे खराब निकले। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन को आगाह किया कि कैमरे सही होते तो पता लग जाता कि चोरी करने वाले कौन हैं ? अब जिला अस्पताल प्रशासन ने खराब सीसीटीवी कैमरों को सही कराने की पहल शुरू की है।
पुलिस भी कम कसूरवार नहीं
अन्य जिलों के अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा के लिए पुलिस या होमगार्ड चौबीस घंटे मुस्तैद रहते हैं। इस अस्पताल में ऐसी व्यवस्था नहीं है। पुलिस चौकी के नाम पर प्राइवेट वार्ड का एक कमरा घेर लिया गया है। हालांकि यहां किसी की तैनाती नहीं रहती। शाम ढले से ही शराबी और असामाजिक तत्व अस्पताल परिसर में घूमते देखे जा सकते हैं।
वर्जन
अस्पताल में एक एजेंसी ने यह कैमरे लगवाए थे। यह लगते ही खराब हो गए थे। तब से इन्हें संबंधित एजेंसी ने सही नहीं कराया। अब हमने अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी है। हम इन कैमरों को सही कराएंगे।
- डॉ. आरएस यादव, सीएमएस जिला अस्पताल