फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरोगा और सिपाहियों पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। कोतवाली उझानी में तैनात एक दरोगा समेत दो सिपाहियों पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला से छेड़छाड़ और घर में घुसकर मारपीट की। आरोप है कि दरोगा का गांव में ही एक के घर पर आना जाना था। इसकी शिकायत जब की गई तभी से दरोगा बौखलाया है।
विज्ञापन

इस क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने सीजेएम कुंदन किशोर की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि दरोगा शैलेंद्र कुमार गौड़ की शिकायत उसके पति ने नौ और 13 मार्च को की थी। इस पर एसएसपी ने एक्शन लेते हुए दरोगा के खिलाफ जांच करने के आदेश जारी कर दिए थे। इसी से नाराज दरोगा उसके पति को 17 मार्च को फर्जी तरीके से एनडीपीएस में जेल भेज दिया। छह अप्रैल को उसका पति जमानत पर बाहर आया। अगले दिन रात में दरोगा सिपाही संजीव कुमार और मुकेश कुमार के साथ उसके घर पहुंच गया। आरोप है कि इन पुलिस वालों ने घर में घुसकर महिला और बच्चों से मारपीट की। पीड़ित महिला ने दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ 16 अप्रैल को एसएसपी को पत्र देकर कार्रवाई की गुहार की थी। इस पर सुनवाई नहीं हुई तब उसने 156-3 में कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। इस पर दो मई को सुनवाई होगी।



दरोगा और सिपाही पर डंडों से पीटने का आरोप
म्याऊं (बदायूं)। एक तरफ एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी पुलिस की छवि सुधारने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मी विभाग की छवि मिट्टी में मिला रहे हैं। बुधवार रात एक दरोगा और सिपाही ने मामूली बात पर एक युवक को जमीन पर गिराकर डंडों से इतना पीटा कि उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विज्ञापन

अलापुर थाना क्षेत्र के म्याऊं निवासी हरीश पुत्र विशुन दयाल बुधवार रात करीब दस बजे अपनी वैन लेकर दावत खाकर घर लौट रहा था। म्याऊं चौकी के नजदीक स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस कर्मी वाहन चेक कर रहे थे। आरोप है कि एक दरोगा और सिपाही ने उसकी गाड़ी रोक ली, फिर उसे गाली देते हुए नीचे उतार दिया। हरीश का इतना कहना गलत हो गया कि वह गाली न दें, बस गाड़ी चेक कर लें। इसी बात पर दरोगा और सिपाही ने हरीश को जमीन पर गिरा लिया। उसके बाद डंडे से पीटना शुरू कर दिया। बताते हैं कि इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना पर युवक के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और घायल को जिला अस्पताल ले गए। पिता ने पुलिस को तहरीर देने की बात भी कही है लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इंस्पेक्टर कृष्णगोपाल शर्मा ने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें