बदायूं। शहर से मुंगेर की पिस्टलों की सप्लाई आसपास के जिलों में करने वाले धंधेबाजों के कनेक्शन अब संभल पुलिस भी खंगाल रही है। बदायूं में पकड़े जाने वालों में एक व्यक्ति चंदौसी का भी था। इसके अलावा लगभग सवा महीने पहले संभल पुलिस ने नासिर गैंग के छह बदमाशों को भी पकड़ा था, जिनसे अवैध पिस्टल बरामद की गई थीं। वहां की पुलिस भी इस मामले की जांच करने में लगी है। माना जा रहा है कि बदायूं में बैठे धंधेबाजों के तार कहीं न कहीं संभल और दिल्ली के गैंगों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसमें दिल्ली के नासिर और छैनू गैंग का नाम सामने आ रहा है।
कुछ समय पूर्व पुलिस की स्पेशल टीम ने शहर में छापामारी एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास से मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद की र्गइं थीं। पूर्व चेयरमैन व उनके गन हाउस पर बैठने वाले बेटे को भी हिरासत में लिया था, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया। उनके अलावा प्रोफेसर कॉलोनी, कबूलपुरा और चंदौसी के मई गांव में रहने वाले एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया था। ये तीनों भी बिना कार्रवाई के थाने से छोड़ दिए गए थे। बताया जाता है कि धंधेबाजों की पुलिस से मध्यस्थता कराने वाला शहर का एक प्रमुख व्यापारी नेता था। जब इसकी शिकायत एडीजी तक पहुंची तो जांच की कमान डीआईजी राजेश कुमार पांडेय को दे दी गई। इधर संभल पुलिस ने सवा महीने पहले दिल्ली के नासिर गैंग के छह बदमाशों को पकड़ा था, जिनसे मुंगेर की बनी कई पिस्टल बरामद की गईं थीं। बताते हैं कि इस गैंग के बदमाशों से भी बदायूं के धंधेबाजों के तार जुड़े हुए थे। पुलिस की मानें तो इन धंधेबाजों का संबंध नासिर गैंग के अलावा छैनू गैंग से भी हो सकता है। इसकी जांच वहां की पुलिस कर रही है। पुलिस की अंदर ही अंदर चल रही इस जांच से बदायूं में बैठे धंधेबाजों के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि वे सफेेदपोशों से मिलकर इस कोशिश में लगे हैं कि कैसे भी उनका नाम इसमें शामिल न हो। एक प्रमुख जनप्रतिनिधि के बेटे के पास दो पिस्टल मिलने के बाद धंधेेबाज इस कोशिश में भी हैं कि जनप्रतिनिधि के रसूख का लाभ उन्हें भी मिल जाए।
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बदायूं के शास्त्रीनगर निवासी है बिचौलिया
धंधेबाजों से लेकर लोगों को पिस्टल बेचने में शहर के शास्त्रीनगर में रहने वाला एक व्यक्ति बिचौलिया की भूमिका निभाता था। पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर से भी इसके संबंध बताए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह व्यक्ति ही पिस्टलों की सप्लाई खरीदारों तक करता था, जिसके एवज में उसे दो से ढाई हजार रुपये प्रति पिस्टल मिलते थे। इस व्यक्ति द्वारा ही जालधंरी सराय, कांशीराम कॉलोनी, कबूलपुरा, शिवपुरम, लोचीनगला, लोटनपुरा, ककराला, गौरामई, मूसाझाग के बीबीपुर आदि स्थानों पर रहने वाले लोगों को पिस्टल बेची गई थीं।
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नासिर और छैनू गैंग दिल्ली के हैं। नासिर गैंग के छह बदमाशों को पिछले महीने पकड़ा गया था, जिनसे अवैध पिस्टल बरामद हुईं थीं। हमारी टीमें लगी हुई हैं, जल्द ही इस मामले में बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
-यमुना प्रसाद, एसपी, संभल