शहर के शिवपुरम मोहल्ले में एक दरोगा के बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कमरे में छत के पंखे पर लटका मिला। मौके पर पुलिस को पांच पेज का सुसाइड नोट मिला, लेकिन उसमें आत्महत्या करने की कोई वजह नहीं लिखी है। न ही परिवार वाले कुछ बता पा रहे हैं।
यहां बिनावर थाने में तैनात दरोगा अजय शर्मा मूलरूप से हरदोई के रहने वाले हैं। उन्होंने शहर के शिवपुरम मोहल्ले में किराए पर मकान ले रखा है। पुलिस के मुताबिक अजय शर्मा की पत्नी और छोटा बेटा रिश्तेदारी में शादी समारोह में गए थे। उनका बड़ा बेटा मथुरा में रहकर पढ़ता है। दरोगा का मझला बेटा 18 वर्षीय साहिल शर्मा ने इस बार द्रोपदी देवी इंटर कॉलेज से 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। शुक्रवार को वह घर में अकेला था।
दरोगा अजय शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को वह खाना खाने घर गए थे। उस वक्त साहिल नार्मल दिख रहा था। खाना खाने के बाद वह शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र में दबिश देने चले गए। रात करीब दस बजे उन्होंने साहिल के मोबाइल पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। अजय शर्मा ने पड़ोस में रहने वाली अपनी बहन को बताया। उन्होंने जाकर देखा तो कमरे में छत के पंखे पर दुपट्टे के सहारे साहिल का शव लटका हुआ था। उनके बताने पर दरोगा अजय शर्मा भी घर पहुंच गए। चर्चा फैलने पर आसपास वालों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव नीचे उतारा।
दरोगा अजय शर्मा के मुताबिक साहिल के मन में क्या चल रहा था उन्हें कुछ नहीं पता। मां के साथ साहिल भी रिश्तेदार की शादी में गया था, लेकिन वह गुरुवार को लौट आया। गुरुवार को ही उसने जीटीआई में एडमीशन लिया था। कोतवाल ओमकार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट मिला है, लेकिन उसमें आत्महत्या की वजह नहीं लिखी है। परिवार वाले भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।