शेखूपुर में दो सिपाहियों को बंधक बनाने और उनसे बदतमीजी करने वाले गो तस्करों के खिलाफ देरी से रिपोर्ट दर्ज कराने के चक्कर में चौकी इंचार्ज पर गाज गिर गई। एसएसपी अशोक कुमार ने लापरवाही मानते हुए शेखूपुर चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है।
वैसे तो यह मामला 26 अक्तूबर का है। उस दिन सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की शेखूपुर चौकी पर तैनात सिपाही कमल सिंह और अमित उपाध्याय ने शेखूपुर निवासी शहजाद उर्फ बल्लू पुत्र अजीत कुरैशी को दबोच लिया था। वह पुराने गो तस्करी के मामले में वांछित था। वह किसी तरह दोनों सिपाहियों की पकड़ से छूट कर ग्राम प्रधान के घर में घुस गया था। दोनों सिपाही उसके पीछे-पीछे घुस गए। वह शहजाद को पकड़ते, उससे पहले दर्जनों लोगों ने दोनों सिपाहियों को बंधक बना लिया और उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी। किसी तरह सिपाहियों ने शेखूपुर चौकी इंचार्ज एसआई राजेंद्र कुमार को सूचना दी। कुछ देर बाद वह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने दोनों सिपाहियों को छुड़ाया। उस दिन रसूलपुर गांव के पास पटाखा गोदाम में विस्फोट हो गया था। इससे सभी पुलिस अधिकारी उसमें लगे थे। उस दिन इस मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इस मामले में दूसरे दिन चौकी इंचार्ज की ओर से नौ लोगों को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिस पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि उन्होंने तुरंत घटना की सूचना नहीं दी थी, जिससे आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं हो सकी।
उस दिन मैंने स्वयं इंस्पेक्टर को फोन किया था। वह रसूलपुर घटनास्थल पर थे, जिससे उनसे अधिक बात नहीं हो सकी। सीओ भी वहीं थे। सिपाही तहरीर लेकर थाने गया था। मुंशी ने कह दिया था वह रिपोर्ट दर्ज कर लेगा। उसने दूसरे दिन रिपोर्ट दर्ज की, इसमें मेरी गलती क्या है। -राजेंद्र कुमार, सस्पेंड चौकी इंचार्ज शेखूपुर