बिसौली। मेडिकल संचालक की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की धाराओं में दर्ज मुकदमे को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद 24 घंटे के भीतर ही आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में तरमीम कर दिया। इससे नाराज मृतक के परिवार वालों ने शुक्रवार को बिसौली कोतवाली पर प्रदर्शन किया। इन लोगों ने पुलिस पर आरोपियों के लिए बचाने का आरोप लगाया। परिवार वालों का आरोप है कि हरीओम की हत्या उसकी पत्नी ने अपने मायके वालों के साथ की है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव खजुरिया निवासी हरीओम मौर्य पुत्र वीरपाल कई साल से नगर की मौर्य कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। सोमवार बाजार में हरीओम का मेडिकल स्टोर है। बुधवार रात वह पत्नी के साथ घर की छत पर सोया था। रात में करीब 12 बजे बिजली आने पर हरीओम नीचे कमरे में आ गया। रात में करीब एक बजे मकान मालकिन मिथलेश नीचे आई। उसने देखा हरीओम का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका है। हरीओम का उसकी पत्नी पूनम से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। हरीओम के पिता वीरपाल ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने तहरीर पर हरीओम की पत्नी पूनम, सास कमलेश, ससुर चंद्रपाल और साले राहुल, पवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी पूनम और सास कमलेश को जेल भी भेज दिया है।
पोस्टमार्टम में हरीओम की मौत की वजह हैंगिंग बताई गई। इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुकदमा आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में तरमीम कर दिया। इस बारे में मृतक के परिवार वालों को पता लगा तो उन्होंने नाराजगी जताई। परिवार वालों ने गांव के दर्जनों लोगों के साथ शुक्रवार को बिसौली कोतवाली का घेराव करके प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान इन लोगों की सीओ से नोकझोंक भी हुई। सीओ बिसौली डॉ. केके सरोज का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।