बदायूं। उझानी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से मारपीट करने के मामले में आखिरकार आरोपी दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो ही गई। अब तक रेलवे पुलिस उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रही थी। वहीं वादी की ओर से तीन अलग-अलग तहरीर आईं थीं। इससे रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। अब जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले की जांच रेलवे सीओ सहारनपुर कर रहे हैं।
मामला आठ मई का था। उस दिन उझानी के कुछ लोग पूर्णागिरी देवी मां के दर्शन करने जा रहे थे। वह लोग अपने परिवार के साथ उझानी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन में चढ़ने के दौरान उनकी जीआरपी चौकी इंचार्ज एसआई परीक्षित शर्मा से कहासुनी हो गई थी, जिस पर दरोगा ने दो युवकों को बहुत पीटा था। बाद में परिवार की महिलाओं के साथ भी मारपीट की थी। इससे उन लोगों के काफी चोटें आई थीं। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा, तो आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया।
डीआईजी रेलवे मुरादाबाद ने इस संबंध में तुरंत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। जीआरपी के मुताबिक परिवार वालों ने अलग-अलग प्रकार की तीन तहरीर दीं थीं। इससे जीआरपी भी असमंजस में थी। इससे दरोगा के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो पाया। अब उझानी के वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह की तहरीर पर आरोपी दरोगा परीक्षित शर्मा के खिलाफ धारा 323, 504 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इस मामले की जांच सीओ रेलवे सहारनपुर कर रहे हैं। इसमें धाराएं बढ़ेंगी या घटेंगी यह विवेचना के ऊपर निर्भर है। आगे मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसे विवेचना में शामिल कर दिया जाएगा। बाकी कार्रवाई सीओ ही करेंगे।
मनोज कुमार, एसओ जीआरपी