ट्वेरा में मिले तीन पशु, दो दर्जन पशुओं की खाल
जिले में गोवंशीय पशुओं के मांस, खाल और पशुओं की तस्करी पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। बार्डर के कई ऐसे थाने हैं, जो तस्करों के प्रति नरम रवैया अपना रहे हैं। गोवंशीय पशुओं की तस्करी का ताजा मामला सहसवान का है। मंगलवार सुबह सहसवान पुलिस ने महाबा नदी के पास से एक ट्वेरा गाड़ी से तीन गोवंशीय पशु, दो दर्जन पशुओं की खाल बरामद कीं। मौके से तीन तस्करों को हिरासत में लिया। दिन भर तस्करों को कोतवाली लगाया गया, लेकिन शाम तक इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। मामले को लेकर काफी चर्चाएं हैं।
मंगलवार सुबह करीब सात बजे सहसवान कोतवाली पुलिस महाबा नदी के पास हरदासपुर-ढकारा मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध ट्वेरा गाड़ी पर पड़ी। पुलिस ने पीछा करने के बाद गाड़ी को रोक लिया। तलाशी लेने पर ट्वेरा गाड़ी में तीन गोवंशीय पशुओं के साथ करीब दो दर्जन गोवंशीय पशुओं की खाल बरामद हुईं। ट्वेरा के साथ एक अन्य गाड़ी में चल रहे पशु तस्कर मौके से भाग निकले। गिरफ्तार किए गए तस्करों के खिलाफ मंगलवार देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। कहा यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस ने ट्वेरा के साथ दूसरी गाड़ी में चल रहे तस्करों को भी पकड़ा था, लेकिन इनको सौदेबाजी के बाद छोड़ दिया।
थाने की जीडी में बड़ा खेल
पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के मामले को लेकर सहसवान कोतवाली की जीडी पर सवाल उठने लगे हैं। पशु तस्करों की तीन गोवंशीय पशुओं और दो दर्जन खाल के साथ मंगलवार सुबह सात बजे गिरफ्तारी की गई, लेकिन रिपोर्ट मंगलवार शाम तक दर्ज नहीं की गई। सूत्रों की मानें तो सहसवान कोतवाली की जीडी करीब 13 घंटे पीछे चल रही है। हालांकि, अधिकारी इस बारे में गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
तीन पशु तस्करों को पुलिस ने दबोचा
उसहैत। थाना पुलिस ने क्षेत्र के गांव गड़िया हरदोपट्टी के पास से तीन पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन पशु भी मिले हैं। थाना पुलिस को सूचना मिली कि गड़िया हरदोपट्टी के पास से पशु तस्कर गुजर रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर सुरेश पुत्र बद्री, पोशाकी पुत्र ईश्वरी, नन्हे पुत्र रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों तस्कर सूर्या नगला गांव के रहने वाले हैं।