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फर्नीचर कारीगर की नृशंस हत्या, औजारों से गोद डाला पूरा चेहरा

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बिसौली (बदायूं)। नगर के मालियान मोहल्ले में सोमवार रात एक फर्नीचर कारीगर की उसके ही औजारों से गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई। कारीगर अपनी दुकाननुमा बैठक में जबकि उसकी मां अंदर घर में सो रही थी। सुबह मां उठी तो बेटे की रक्तरंजित लाश देखकर उसके होश उड़ गए। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। छानबीन के दौरान पुलिस को पड़ोसी की छत पर खून से सने औजार पड़े मिले। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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करीब 24 वर्षीय फारुख के पिता तौफीक की चार साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उसकी तीन बहने हैं। सभी का निकाह हो चुका है। वह घर पर अपनी मां मुसर्रत के साथ अकेला रहता था। परिवार चलाने के लिए उसने अपनी बैठक में फर्नीचर बनाने का काम शुरू कर दिया था। सोमवार रात फारुख उसी बैठक में सो रहा था, जबकि उसकी मां मुसर्रत अंदर कमरे में सो रही थी। रात किसी समय हत्यारे उसके घर में छत के रास्ते से घुस आए। उन्होंने बैठक में रखे वसूला और वर्मा से फारुख पर सोते समय प्रहार कर दिया। उसके सिर पर कई बार प्रहार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारों ने निर्ममता पूर्वक उसके चेहरे को बुरी तरह गोद डाला। उसके बाद छत के रास्ते से फरार हो गए। मंगलवार सुबह उसकी मां सोकर उठी, उसने फारुख को आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर कमरे में पहुंची। बेटे की खून से सनी लाश देखकर उसके होश उड़ गए। उसकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए।
सूचना पर इंस्पेक्टर बिसौली सत्यप्रकाश सिंह, कस्बा इंचार्ज सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। छानबीन में पड़ोसी सूखे की छत पर खून से सना वसूला और वर्मा पड़ा मिला। पुलिस ने दोनों औजार कब्जे में ले लिए। मौके पर पहुंचे एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने परिवार वालों से बात की। कारीगर के चाचा मोहम्मद मियां ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बधिर न होती मां तो सुन लेती बेटे की चीख
फर्नीचर कारीगर की नृशंस हत्या का मामला
बिसौली। फर्नीचर कारीगर फारुख की मां मुसर्रत लगभग बधिर है। उन्हें बहुत कम सुनाई पड़ता है। वह अंदर कमरे में सो रहीं थीं। हमले के दौरान फारुख के मुंह से चीखें जरूर निकली होंगी, वह तड़पा भी होगा लेकिन उन तक बेटे की चीखें नहीं पहुंचीं। हत्यारों ने इसी बात का फायदा उठाया और वारदात को अंजाम देकर निकल गए। अगर मुसर्रत बधिर नहीं होतीं तो शायद उसी समय उन्हें पता चल जाता और हत्यारे पकड़े भी जाते।

...तो कहीं नशे के कारोबार ने तो नहीं ले ली जान!
फारुख की हत्या को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कोई अवैध संबंध बता रहा है तो कुछ कहना है कि फारुख चरस गांजे का प्रयोग करता था, साथ ही खरीदफरोख्त भी करता था। हो सकता है कि कोई लेन-देन के चक्कर में किसी से कोई विवाद हुआ हो और उसी वजह से फारुख की हत्या कर दी गई। बहरहाल हत्या के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।

फारुख की उसी के औजारों से हत्या की गई है। औजार भी कब्जे में ले लिए गए हैं। युवक की हत्या किसने की और क्यों की, अभी इसका पता नहीं चल सका है। जल्द ही हम किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।
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- सत्यप्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर बिसौली
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