सहसवान कस्बे के जहांगीराबाद मोहल्ले में रविवार शाम खोवा खाने से एक ही परिवार के सात बच्चों की हालत बिगड़ गई। उल्टियां करते-करते तीन बच्चे बेहोश हो गए। परिवार वालों ने उन्हें फौरन जिला अस्पताल लेजाकर भर्ती कराया। बाकी चार बच्चों का सहसवान में ही एक निजी डॉक्टर से उपचार कराया गया। परिवार वाले अपनी विवाहित सगी बेटी पर जहरीला खोवा देने का आरोप लगा रहे हैं।
सहसवान कस्बे के जहांगीराबाद मोहल्ला निवासी ज्ञानचंद की बड़ी बेटी सुशीला ने मर्जी से दहगवां के रहने वाले रामदास से शादी की थी। इसी से नाराज होकर ज्ञानचंद और उनके परिवार वालों ने बेटी सुशीला से नाता तोड़ लिया और अब उसके घर कोई आता-जाता नहीं है। रविवार शाम मां के कहने पर ज्ञानचंद की छोटी बेटी 12 वर्षीय चंदो बड़ी बहन के घर दहगवां चली गई। आरोप है कि घर लौटते समय सुशीला ने छोटी बहन चंदो को खोवा दिया। वही खोवा ज्ञानचंद की बेटी चंदो, विमलेश (6), पूजा (20), गीता (8), पुत्र नेम सिंह (10), आठ माह के कृपाल, नौ माह के नाती रोहित ने खोवा खा लिया। परिजनों के मुताबिक खोवा खाने के करीब एक घंटे बाद सभी बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे उल्टियां करने लगे और बेहोश होने लगे। बच्चों की हालत देखकर परिजन घबरा गए। उसके बाद परिजन सभी बच्चों को कस्बे के निजी अस्पताल ले गए। रात 10 जब तक उनका इलाज चलता रहा। चंदो, विमलेश और नेम सिंह को हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी बच्चों की हालत में सुधार पर निजी अस्पताल से ही छुट्टी कर दी गई। इधर, जिला अस्पताल में भर्ती तीनों बच्चों की हालत में सोमवार को सुधार हुआ है।
ज्ञानचंद के बड़े बेटे विश्नू ने बताया कि उसकी बड़ी बहन ने दहगवां निवासी युवक के साथ मर्जी से शादी कर ली थी। वहां कोई आता-जाता नहीं है, लेकिन रविवार को उसकी मां ने छोटी बहन को वहां भेज दिया। आरोप है कि उसी ने जहरीला खोवा छोटी बहन के हाथों घर भेज दिया, जिसके खाने से उसके भाई-बहनों की हालत बिगड़ गई। विश्नू ने अपनी बड़ी बहन के खिलाफ तहरीर दी है।
इस मामले की रविवार शाम सूचना मिली थी। पुलिस को मौके पर भेजा गया था। बच्चों की खोवा खाने से हालत बिगड़ी थी। अब सभी बच्चे ठीक हैं। इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आती है तो जांच कराई जाएगी।
- नरेंद्र सिंह, प्रभारी कोतवाल सहसवान