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मोबाइल शॉप काटते दो चोर दबोचे, एक फरार

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चोरी की जानकारी देता दुकान का मालिक। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। कोतवाली पुलिस का टाइम अच्छा था या बदमाशों की टाइमिंग खराब, शहर में चोरी की बड़ी वारदात होते-होते टल गई। इलाहाबाद बैंक के पास मोबाइल शॉप काटकर दो लाख का माल चुरा चुके दो चोरों को स्थानीय व्यापारियों की सजगता और बहादुरी के दम पर दबोच लिया गया। इनके पास से माल भी बरामद हो गया। इनका सरगना तीसरा साथी कुछ माल लेकर फरार हो गया, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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छह सड़का मार्ग स्थित लकी मोबाइल शॉप के मालिक मोहम्मद नाजिम शुक्रवार रात आठ बजे अपनी दुकान बंद कर घर चले गए थे। कोहरे की रात में सुबह चार बजे करीब तीन चोरों ने उनकी दुकान के शटर को एक साइड से सब्बल डालकर उठा लिया। इसके बाद उन्होंने करीब दो लाख रुपये कीमत के मोबाइल थैले में भर लिए। एक थैला लेकर एक साथी निकल गया तो बाकी दोनों दुकान की रेक आदि तोड़फोड़कर नकदी खोजने लगे। खटपट होने पर इसी दुकान की छत पर बने कमरे में सो रहे पड़ोसी दुकानदार विक्की जाग गए। उन्होंने छत से देखा कि नाजिम की दुकान का शटर कटा हुआ है। चोरी का शक होने पर उन्होंने पास में रहने वाले व्यापारी जीशान आदि को कॉल करके यह सूचना दी। साथ ही यूपी 100 को भी कॉल कर दी। इस बीच जीशान और विक्की उतरकर नीचे आए तो यहां से दूसरा युवक भाग निकला। तीसरे को व्यापारियों ने दुकान के अंदर ही धर दबोचा। तत्काल ही प्रभारी कोतवाल सत्य सिंह और पुलिस टीम आ गई। पकड़े आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने खुद को उझानी कस्बा निवासी फैसल बताया। कहा कि उसके ही कस्बा निवासी साथी लईक और इसरार भी चोरी में साथ थे। पुलिस ने इसरार के जालंधरी सराय स्थित किराये के कमरे में छापा मारकर लईक को भी पकड़ लिया पर इसरार हत्थे नहीं चढ़ा। दुकानदार नाजिम की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। मौके से बदमाशों का सब्बल भी बरामद हुआ है।
बैंक पास थी, पिकेट का पता नहीं था
जहां चोरों ने वारदात की, वहां पास में ही इलाहाबाद बैंक और एटीएम है। हाल ही में नेकपुर एसबीआई में चोरी की कोशिश के बाद भी पुलिस बैंकों की सुरक्षा के प्रति सतर्क नहीं है। चोरों ने बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे से बचकर दुकान में एंट्री की। शालू मार्केट में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन से भी खुद को बचा लिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान बैंक के पास तैनात रहने वाली पुलिस पिकेट का पता नहीं था। अगर व्यापारी जागरूक न होते तो बड़ी चोरी में चोर कामयाब हो जाते। प्रभारी कोतवाल का कहना था कि सुबह चार बजे जाग हो जाने पर सिपाही प्वाइंट छोड़ देते हैं। फिर भी वह जांच करेंगे कि किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई है।
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चोरी से पहले ग्राहक बनकर आया
चोरी करने से पहले शुक्रवार शाम फैसल ने ग्राहक बनकर इसी दुकान की रेकी की थी। मौके से पकड़े गए चोरों को दुकानदार ने पहचान लिया। दुकानदार ने बताया कि फैसल ने कई मोबाइल देखकर मोलभाव किया और दूसरे दिन खरीद करने की बात कहकर निकल गया।

सिविल लाइन की चोरी भी कबूली
फैसल और लईक ने बताया कि उन्हीं लोगों ने हाल ही में पुराने एआरटीओ दफ्तर के सामने नारंग मोबाइल शॉप में चोरी की थी। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस भी गुडवर्क लपकने के लिए पूछताछ को पहुंच गई। आरोपियों ने बताया कि इसरार पत्नी समेत जालंधरी सराय में किराये पर रहता है। यहीं पर वह लोग अक्सर आ जाते थे और शहर में घूमकर रेकी कर लेते थे। बाद में योजनाबद्ध तरीके से चोरी करते थे। बताया कि वह दो से तीन बजे के बीच चोरी करते थे। इस चोरी में ज्यादा वक्त हो जाने की वजह से पकड़े गए। वह इसरार से अगले दिन चोरी करने को कह रहे थे पर वह नहीं माना।
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