अखबार से पता लगा कि
मिट गया मांग का सिंदूर
पति का फोटो देखने के बाद गश खाकर जगिर पड़ी कविता
पुलिस की मौजूदगी में किया गया शिक्षक का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
कुंवरगांव।
शनिवार को दिनदहाड़े हुई शिक्षक चंचल मिश्रा की हत्या के बारे में उसकी पत्नी कविता को घर वालों ने बताया नहीं था। सो रविवार को जब घर पर अखबार पहुंचा और उसने पति की हत्या की खबर को देखा तो वह गश खाकर गिर पड़ी। चंचल की पत्नी के सामने अब एक बेटी और एक मासूम बेटे के लालन-पालन की चुनौती है। चंचल कस्बे के नेहरू इंटर कॉलेज में पढ़ाने के साथ ट्यूशन भी करते थे। चंचल का पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
डाकखाने के पास रहने वाले 30 वर्षीय चंचल मिश्रा के पिता सुरेश चंद्र मिश्रा का पड़ोस में ही रहने वाले ईश्वर चंद्र विद्यासागर उर्फ सल्लू पंडित से जगह को लेकर विवाद था। शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे चंचल मिश्रा अपने घर पर खाना खाने आए थे। इसी दौरान चंचल के पिता का ईश्वर चंद्र विद्यासागर और उसके लड़कों से विवाद हो गया। शोर शराबा सुनकर चंचल पहुंचा तो ईश्वर चंद्र ने अपने पांच बेटों के साथ उसे खींच कर घर में बंद कर लिया। यहां पहले तो चंचल को बेरहमी से पीटा गया फिर गोली मार दी गई। बचाने पहुंचे चंचल के भाई संदीप मिश्रा पर भी फावड़े से प्रहार कर दिया। संदीप का इलाज चल रहा है। उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। इस बारे में परिवार के लोगों ने चंचल की पत्नी कविता को कुछ भी नहीं बताया था। रविवार को चंचल की हत्या संबंधी खबर अखबारों में छपी। किसी तरह से कविता को इस बारे में पता लगा। पहले तो उसे भरोसा नहीं हुआ। बाद में कविता ने पति का फोटो देखा तो वह गश खाकर जमीन पर गिर गई। आज जब पोस्टमार्टम के बाद चंचल का शव घर पहुंचा तो पूरा घर चीत्कारों से गूंजने लगा। पुलिस मौजूदगी में ही चंचल का अंतिम संस्कार किया गया।
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पिता समेत छह पर हुई हत्या की रिपोर्ट
कुवरगांव। चंचल मिश्रा के पिता सुरेश चंद्र मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने ईश्वर चंद्र के अलावा उसके बेटे मुकेश, हृदेश, विपिन, राकेश और विशाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है। एसओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।