बदायूं। फर्जी ई-टिकट बनाने के आरोपी आसिफ की जमानत कोर्ट से खारिज कर दी गई। आरपीएफ इंस्पेटर हरेंद्र सिंह ने बताया कि 14 दिन की रिमांड खत्म होते ही दोबारा आसिफ को रिमांड पर लेना पड़ सकता है। आरपीएफ को फर्जी ई-टिकट प्रकरण में रेलवे के किसी कर्मचारी की मिलीभगत की भी आशंका है। इस दिशा में भी जांच की जा रही है।
23 जून को आरपीएफ की टीम ने मुंबई से बदायूं स्टेशन पहुंचे तीन यात्रियों के पास फर्जी ई-टिकट पकड़ने के बाद गिरोह के सरगना आसिफ को गिरफ्तार किया था। अगले दिन रेलवे कोर्ट में पेश कराने के बाद आसिफ को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया था। परिवार वालों ने शनिवार को बरेली के जिला न्यायालय में जमानत के लिए अपील की, लेकिन वहां से भी जमानत खारिज कर दी गई। आरपीएफ का मानना है कि इस खेल में कोई रेलवे कर्मचारी भी शामिल है, जो आसिफ के बाद दूसरा मास्टमांइड माना जा रहा है।