हजरतपुर के निलंबित इंसपेक्टर राजेश कश्यप पर रिपोर्ट
अधिकारियों को गुमराह करने पर कराई गई है एफआईआर
दलित की मूंछ उखाड़ने, पेड़ से बांधकर पीटने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज (बदायूं)। थाना हजरतपुर के गांव आजमपुर बिसौरिया में दलित सीताराम को पेड़ से बांधकर पीटने और मूंछे उखाड़ लेने और जूते में मूत्र पिलाने की घटना में सस्पेंड हुए इंसपेक्टर राजेश कश्यप की दिक्कतें कम नहीं हो रहीं हैं। इस मामले में पीड़ित की रिपोर्ट नहीं लिखने और अधिकारियों को गुमराह करने पर अब सीओ दातागंज की ओर से निलंबित इंसपेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
घटना 23 अप्रैल को गांव आजमपुर बिसौरिया में घटी थी। गांव निवासी दलित सीताराम को गांव के ही कुछ लोग गेहूं की फसल नहीं काटने पर अपनी चौपाल पर ले गए थे और वहां पेड़ से बांध दिया था। फिर मारा पीटा और मूंछ उखाड़ ली। आरोप है कि दबंगों ने उसे जूते में मूत्र भी पिलाया। पीड़ित सीताराम जब शिकायत करने थाने पहुंचा तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। बल्कि पुलिस ने पीड़ित और दूसरे पक्ष के लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। इंसपेक्टर रहे राजेश कश्यप ने मामले को हल्के से लिया। उन्होंने अपने आला अफसरों तक को इसकी जानकारी नहीं दी । पीड़ित ने बरेली पहुंचकर आईजी से इसकी शिकायत की तब मामला खुला। एसएसपी अशोक कुमार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के आदेश दिए। उन्होंने प्रथम दृष्ट्या लापरवाही बरतने पर इंसपेक्टर राजेश कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बाद में आईजी डीके ठाकुर ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित से जानकारी ली। गांव वालों से भी बात की। इसके बाद एसएसपी दो दिन पहले भी गांव गए थे। उन्होंने पीड़ित सीताराम के परिवार वालों से बात की थी। कहा था कि इस मामले में जो भी दोषी है उसे बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि नामजद चारों लोग जेल में हैं। एसएसपी ने इसकी जांच सीओ दातागंज को सौंपी थी।
सीओ एसके सिंह ने बताया कि इस गंभीर मामले में अधिकारियों को गुमराह रखने और रिपोर्ट नहीं लिखे जाने पर निलंबित इंसपेक्टर राजेश कश्यप पर एससी-एसटी एक्ट के तहत धारा चार में रिपोर्ट लिखाई गई है।