बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम परवेंद्र कुमार शर्मा ने छह साल पुराने हत्या के एक मुकदमे में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित दोनों पर 49 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से बतौर मुआवजा 50 फीसदी मृतक के वारिसान को देने का आदेश दिया गया है।
हत्या की वारदात थाना वजीरगंज के गांव गरगइया में एक मई 201 को हुई थी। गांव इटौआ निवासी वादी तिलक सिंह ने दो मई 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका छोटा भाई तेजपाल थ्रेसर से गेहूं की कटाई करने गया था। उसके साथ उसका ड्राइवर भी दूसरा ट्रैक्टर थ्रेसर लेकर गेहूं की कटाई करने गया था। रात में उसके भाई तेजपाल की मोबाइल पर किसी से बात हुई तो उसने ड्राइवर से कहा कि तुम ट्रैक्टर लेकर घर चले जाना, वह दूसरा ट्रैक्टर लेकर घर पहुंच जाएगा। वादी तिलक सिंह का भाई तेजपाल सुबह तक घर नहीं पहुंचा तो खेत पर जाकर देखा कि ट्रैक्टर और थ्रेसर वहीं पर खड़ा था। उसको अपना भाई काफी तलाश करने पर भी नहीं मिला तो उसने पुलिस को सूचना दी। शाम को सात बजे उसे सूचना मिली कि उसके छोटे भाई का शव गरगइया के सरकारी स्कूल के सामने खंदी में पड़ा है। पुलिस की तफ्तीश में गरगइया के रमेश चंद्र शर्मा और उनके भाई दिनेश चंद्र तथा रमेश चंद्र की पत्नी पुष्पा का नाम उजागर हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजीव यादव और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दोनों नामजद भाइयों रमेश चंद्र और दिनेश चंद्र को दोषी करार देेते हुए उम्रकैद सहित दोनों पर 49 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी पुष्पा शर्मा के गैर हाजिर होने पर उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।