बदायूं। ओवरलोड जिला जेल में बंदियों और कैदियों को अब कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। जेल में बंद करीब 400 सजायाफ्ता बंदियों को सेंट्रल जेल बरेली में शिफ्ट करने का फरमान हो गया है। इनकी शिफ्टिंग भी शुरू कर दी गई है। अब तक 250 से ज्यादा कैदियों को यहां से ट्रांसफर किया जा चुका है। सजायाफ्ता कैदियों के जेल से जाने के बाद जेल का लोड कुछ हद तक कम होने की उम्मीद की जा रही है। जिला जेल की क्षमता 529 बंदी और कैदियों की है। यहां 2100 से ज्यादा बंदी और कैदी है। मानक के अनुरूप स्टाफ की किल्लत और क्षमता से ज्यादा बंदी-कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता था। जेल में लोड कम करने के लिए जेल प्रशासन कई महीने से उच्च स्तर पर लिखा-पढ़ी करके ऐसे कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की मांग कर रहा था, जिनको सजा हो चुकी है और उनके खिलाफ कोई दूसरा मुकदमा भी विचाराधीन नहीं है। उच्च स्तर पर आखिर जेल प्रशासन की इस फरियाद को सुन लिया गया। सजायाफ्ता करीब 400 कैदियों को यहां से सेंट्रल जेल बरेली ट्रांसफर करने का फरमान दे दिया गया है। इसके बाद कैदियों की शिफ्टिंग चालू हो गई है। अब तक 250 से ज्यादा कैदियों को यहां से सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। अन्य को भी दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है।
------
जेल प्रशासन का सिर दर्द बने हैं माफिया और डॉन
बदायूं। क्षमता से ज्यादा बंदियों और कैदियों का बोझ ढो रही जिला जेल में बंद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के एक दर्जंन से ज्यादा माफिया और डॉन जेल प्रशासन के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। सीमित सुरक्षा संसाधनों के बीच इनकी सुरक्षा और निगरानी में जेल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। इन सभी कुख्यात अपराधियों को प्रशासनिक आधार पर बदायूं जेल में रखा गया है। जेल प्रशासन ने इन माफिया और डॉन को भी यहां से दूसरी जेलों में शिफ्ट करने के लिए लिखा-पढ़ी शुरू कर दी है।
---
करीब 400 सजायाफ्ता कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की अनुमति मिल गई है। अब तक करीब 250 को सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। बाकी को भी दूसरी जेलों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
-अरविंद पांडेय, जेलर