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सरकार हॉस्पिटल में युवक की मौत, बवाल, तोड़फोड़

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फोटो--18, 19, 20, 21, 22, 23
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सरकार हॉस्पिटल में युवक
की मौत, बवाल, तोड़फोड़
गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप, हॉस्पिटल के चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
पेट दर्द होने पर भर्ती हुआ था युवक, हालत बिगड़ने पर बरेली ले गए थे परिजन, वहीं हुई मौत
सीओ सिटी और दो थानों की पुलिस पहुंची, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ सिलहरी। सिविल लाइंस इलाके के सरकार हॉस्पिटल में मंगलवार शाम एक युवक की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। नाराज भीड़ ने हॉस्पिटल पर हमला बोल दिया। तोड़फोड़ की और जमकर हंगामा किया। इससे हॉस्पिटल के कर्मचारी, डॉक्टर और भर्ती मरीज भाग गए। काफी देर तक तोड़फोड़ चलती रही। बाद में सूचना पर सीओ सिटी, सदर कोतवाली और सिविल लाइंस थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने बमुश्किल भीड़ को शांत किया और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर हॉस्पिटल के चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सरकार हॉस्पिटल में यह बवाल मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे हुआ। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की दरगाह कॉलोनी निवासी करीब 30 वर्षीय रहीश अहमद पुत्र मुईनउद्दीन के पेट में सुबह दर्द शुरू हुआ था। इस पर परिवार वाले उसे नजदीक के सरकार हॉस्पिटल ले गए। परिजनों का आरोप है कि सुबह करीब 11 बजे डॉक्टर ने रहीश अहमद को इंजेक्शन लगाए थे, जिससे कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई। जब इस बारे में चिकित्सक को बताया गया तो उन्होंने रहीश को बरेली रेफर कर दिया। इधर, परिवार वाले रहीश को बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। आरोप है कि बरेली के डॉक्टर ने बताया था कि रहीश को कोई गलत इंजेक्शन दिया गया है, जिससे उसकी मौत हो गई। इस पर परिजन शव को लेकर फिर से सरकार हॉस्पिटल पहुंच गए। तब तक करीब सौ-डेढ़ सौ लोग लाठी-डंडे लेकर एकत्र हो गए। फिर उसके बाद सभी ने एक साथ हॉस्पिटल पर हमला बोल दिया। उन्हें जो दिखाई दिया, उसे तोड़ दिया। हॉस्पिटल के सारे शीशे, केबिन, एसी, फर्नीचर और सीसीटीवी कैमरे तक तोड़ डाले। कुछ लोग सीसीटीवी की हार्डडिस्क तक उखाड़ ले गए। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। जैसे-तैसे हॉस्पिटल के कर्मचारियों और डॉक्टरों ने भाग कर अपनी जान बचाई। यहां तक कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीज तक भाग गए। भीड़ ने हॉस्पिटल का सारा सामान तहस-नहस कर दिया।
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इधर, बवाल और तोड़ाफोड़ की खबर सुनते ही सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही और सदर कोतवाली ओमकार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जैसे-तैसे भीड़ को शांत किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक रहीश अहमद के भाई सिराज अहमद ने सरकार हॉस्पिटल के चिकित्सकों के खिलाफ इलाज में लापरवाही के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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भीड़ ने सुबूत तक नहीं छोड़े
सरकार हॉस्पिटल में बवाल और तोड़फोड़ का सबसे बड़ा सुबूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। परंतु भीड़ ने उसे ही मिटा दिया। सारे कैमरे तोड़ डाले और उसकी हार्ड डिस्क तक ले गए, जिससे बाद में कोई उसे देख न पाए।
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तीन बेटियों का पिता था रहीश अहमद
रहीश अहमद मूलरूप से कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्रांव बनेई का निवासी था। उसके भाई आदि दरगाह कॉलोनी यानि सरकार हॉस्पिटल के पीछे रहते हैं। रहीश खेतीबाड़ी करता था। उसकी तीन बेटियां हैं। रहीश की मौत से उसके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हॉस्पिटल और मेडिकल की नकदी भी लूटी
सरकार हॉस्पिटल में ही एक मेडिकल स्टोर है। हॉस्पिटल के डायरेक्टर आरिफ गाजी के मुताबिक हमला करने वालों ने मेडिकल स्टोर तक में तोड़फोड़ की। मेडिकल स्टोर की सारी दवाइयां, नकदी और मुख्य काउंटर से नकदी लूटी गई है। हमलावरों ने लाखों का नुकसान किया है।
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वर्जन--
हॉस्पिटल पर हमला एक प्लान के तहत किया गया है। करीब सौ-डेढ़ सौ लोग आखिर कहां से आए थे। इनमें ही शामिल कुछ लोगों ने अपना हाथ साफ किया। जिस युवक की मौत हुई है, उसका पूरा परिवार यहां की दवा लेता है। वह सुबह आए थे। कर्मचारी ने कहा था कि डॉक्टर साहब को आने दो तभी दवा दिलाएंगे। उससे पहले उन्होंने दर्द का इंजेक्शन लगवा लिया था। बाद में डॉक्टर आए तो उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया। उन्हें कुछ कमी लगी तो उन्होंने युवक को रेफर कर दिया।
-आरिफ गाजी, डायरेक्टर सरकार हॉस्पिटल
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