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चार लाख के गबन में ग्राहक सेवा केंद्र के पूर्व संचालक पर रिपोर्ट

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उझानी (बदायूं)। करीब दो साल पहले ग्रामीण से डेयरी लोन कराने के नाम पर मार्जिन मनी के रूप में ली गई चार लाख रुपये की रकम को भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र का पूर्व संचालक हड़प गया। ग्रामीण को इसकी भनक लगी तो उसने आरोपी पर दवाब बनाया। इस पर पूर्व संचालक ने उसे डेढ़ लाख रुपये का चेक थमा दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पूर्व संचालक के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर लिया है।
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गबन का मामला जुलाई-16 का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव अहीरवारा निवासी नेमसिंह के मुताबिक, उस समय भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र धौरेरा का संचालन हृदेश कुमार करता था। नेमसिंह ने दुग्ध डेयरी के लिए लोन कराने के लिए आवेदन किया था। करीब 10 लाख रुपये के लोन के लिए मार्जिन मनी के रूप में ढाई लाख रुपये उसने हृदेश को दे दिया। नेमसिंह की पत्नी नक्षत्रदेवी का खाता भी ग्राहक सेवा केंद्र पर था। इसके बाद नेमसिंह ने चार बार में डेढ़ लाख रुपये उसके खाते में जमा करने को दिए लेकिन हृदेश ने उसकी रसीदें नहीं दीं। नेमसिंह दो महीनों बाद ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचा तो पासबुक चढ़वाने पर गबन की पोल खुल गई। इसके बाद उसने हृदेश से लोन के रुपयों के बारे में पूछा। लोन भी स्वीकृत नहीं हो पाया था।
आरोप है कि नेमसिंह के बार-बार दवाब बनाने पर एक दिन हृदेश ने उसे डेढ़ लाख रुपये का चेक थमा दिया जो बाउंस हो गया। नेमसिंह ने इसकी शिकायत बैंक के अफसरों से भी की थी। बताते हें कि उसी दौरान धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में बैंक ने हृदेश की देखरेख में संचालित ग्राहक सेवा केंद्र को भी बंद कर दिया। बैंक की ओर से उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसकी भनक लगते ही नेमसिंह ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली। कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने बताया कि सीजेएम के आदेश पर हृदेश कुमार के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचना दरोगा राकेश कुमार को सौंपी गई है। बता दें कि ग्राहक सेवा केंद्रों पर घपलों की शिकायत के बाद ही डेढ़ साल पूर्व एसबीआई ने इलाके में संचालित अपने तीनों ग्राहक सेवा केंद्रों को बंद कर दिया था।
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