बदायूं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को गैस कनेक्शन के साथ सिलिंडर दिए जा रहे हैं, लेकिन कई ऐसे पात्र लोग रह गए, जिनके कागज तो जमा हो गए, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं दिए गए। फर्जीवाड़ा कर सिलिंडरों की कालाबाजारी कर दी गई। इसकी कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। जांच होने पर एक गैस एजेंसी द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा पकड़ में भी आया। डीएम ने इसे संज्ञान में लेकर विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की। इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए अमर उजाला ने शनिवार को इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर डीएसओ के नेतृत्व में जांच टीम ने शुभ कृष्णा भारत गैस एजेंसी पर छापामारी कर अभिलेखों को जब्त कर लिया, साथ ही उससे जुड़कर उझानी में चलाई जा रही एक कथित एजेंसी को भी सील कर दिया।
केंद्र सरकार की ओर से गरीब लोगों के लिए उज्ज्वला योजना को शुरू किया गया, लेकिन इसमें पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों के नाम से कनेक्शन जारी करके सिलिंडरों की कालाबाजारी की जा रही है। खास बात तो यह है कि जिन लोगों के नाम से कनेक्शन हैं, उन्हें इस बात का पता ही नहीं है। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा शनिवार के अंक में किया। इस पर डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह ने विजय नगर कॉलोनी स्थित शुभ कृष्णा गैस एजेंसी पर छापामारी कर मौजूद अभिलेखों को अपने कब्जे में लेकर जांच की। अधिकारियों की मानें तो फ्रॉड के चलते इस गैस एजेंसी पर पहले भी कंपनी की ओर से जुर्माना डाला जा चुका है। इसके बाद अधिकारियों ने इस एजेंसी से संबद्ध करके उझानी में चलाई जा रही एक कथित एजेंसी को भी सील कर दिया।
मौके पर हुई गर्मागर्मी, सफेदपोश भी आए पक्ष में
बताया जाता है कि उझानी में कथित गैस एजेंसी पर छापामारी के दौरान मौके पर सिलिंडर लोगों को दिए जा रहे थे, जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। टीम ने जब संचालक को फोन करके बुलाया तो वह नहीं आया, लेकिन सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ लोग उसके पक्ष में वहां पहुंच गए। ये लोग टीम से उलझ गए, लेकिन फिर भी टीम ने दो ताले डालकर कथित एजेंसी को सील कर दिया।
शुभ कृष्णा गैस एजेंसी पर डीएम के निर्देश पर छापामारी की थी। यहां से मिले अभिलेखों की जांच की जा रही है। इससे संबंद्ध करके उझानी में चलाई जा रही एक कथित एजेंसी को सील कर दिया गया है।
-रामेंद्र सिंह, डीएसओ