संभल और मुरादाबाद तक पिस्टल बेच रहे थे बदायूं में बैठे धंधेबाज
बदायूं। मुंगेर की पिस्टलों के साथ पकड़े गए आरोपी अन्य जिलों में भी पिस्टल बेच रहे थे। इनमें एक आरोपी संभल जिले की चंदौसी तहसील का था, जिसके द्वारा बदायूं में बैठे धंधेबाज संभल, मुरादाबाद समेत आसपास के जिलों में पिस्टल सप्लाई कर रहे थे। संभल में आतंकी गतिविधियों में लिप्त बदमाश पहले भी पकड़े जा चुके हैं, ऐसे में अब वहां की पुलिस ने भी इस मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इधर, मामले की जांच अब डीआईजी राजेश कुमार पांडेय कर रहे हैं।
विगत दो नवंबर को पुलिस ने एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत नौ लोगों को दबोचा था। उनके पास बिहार के मुंगेर में बनी आठ पिस्टल और 38 कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस ने पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे को भी हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया। जो नौ लोग पकड़े गए उनमें एक संभल के चंदौसी के गांव मई निवासी मसरूर भी था।
वर्ष 2016 में संभल में एनआईए ने अलकायदा का कथित यूपी चीफ आसिफ को पकड़ा था। उसके कई साथी फरार हो गए थे, जो स्लीपिंग माड्यूल्स के रूप में सक्रिय थे। इसके अलावा लगभग 25 दिन पहले संभल में दिल्ली का एक गैंग पकड़ा गया, जिसमें छह लोगों के पास ऐसी ही कई पिस्टल बरामद हुई थीं। बदायूं के धंधेबाजों के इस गैंग से भी कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। चंदौसी पुलिस के मुताबिक मसरूर का नाम पिस्टल कांड में आने के बाद उस पर भी नजर रखी जा रही है। संभल और उसके आसपास के इलाकों में कई स्लीपिंग माड्यूल्स सक्रिय हैं। बताया जाता है कि बदायूं में बैठे लोग ऐसे ही लोगों को मनमाने दामों पर पिस्टल बेच रहे थे। मामला बढ़ने पर बदायूं के कुछ सफेदपोश इसे दबाने में लग गए हैं।
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जांच को प्रभावित करने की हो रही कोशिश: बदायूं। अवैध पिस्टल के साथ पकड़े गए चंदौसी के मसरूर के मुरादाबाद मंडल के एक जिले में तैनात अधिकारी से संबंध हैं। बताया जाता है कि उसी से वह मामले की जांच करने वाले अधिकारियों पर दबाव पड़वा रहा है।
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स्लीपिंग माड्यूल्स को होती है ऐसे हथियारों की जरूरत: बदायूं। मुरादाबाद में वर्ष 2016-17 के दौरान सलीम पतला समेत कई ऐसे लोग पकड़े गए थे, जो स्लीपिंग माड्यूल्स के रूप में सक्रिय थे। चूंकि ये लोग जनता के बीच घुल मिलकर आम आदमियों की तरह रहते हैं, अत: इन्हें इस प्रकार के हथियारों की जरूरत पड़ती है जो दिखने में बिल्कुल असली लगें और लाइसेंस आदि का झंझट न हो। बदायूं से पूर्व चेयरमैन के नौकर समेत पकड़े गए कुछ लोग ऐसे लोगों को ही पिस्टल बेचते थे, जिनसे उन्हें अच्छी रकम मिल जाती थी।
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वर्जन.............
संभल में लगभग 25 दिन पहले दिल्ली के नासिर गैंग के छह बदमाश पकड़े गए थे। उनके पास कई अवैध पिस्टल बरामद की थीं। इनमें एक पिस्टल की कीमत एक से डेढ़ लाख तक की होगी। इसके बाद से ऐसे अन्य लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
-यमुना प्रसाद, एसपी, संभल
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बदायूं में मसरूर को कुछ दिन पहले मुंगेर की पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। कुछ समय पहले ही वह जेल से छूटा है। कुछ दिन पूर्व बाहर की पुलिस उसकी तलाश में यहां आई थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। उसकी गतिविधियों पर अब नजर रखी जा रही है। -रवींद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली चंदौसी