बदायूं। दातागंज। रिजोला में लगा सौर ऊर्जा प्लांट चालू होने से पहले ही हंगामे की भेंट चढ़ने लगा है। सोमवार को फिर सौ-डेढ़ सौ की संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर प्लांट पर जा पहुंचे और मौजूद कर्मचारियों को बंधक बनाकर कई घंटे जमकर हंगामा किया। उसहैत पुलिस की मौजूदगी में प्लांट कर्मचारियों से खूब गाली गलौज की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन खरीदने के समय किसानों को नौकरी देने की बात कही गई थी। ऑफर लेटर भी दे दिए गए। मगर अब नौकरी नहीं दी जा रही है। हंगामा कर रहे लोग प्लांट की सप्लाई बंद करने और जीएम को बुलाने की जिद पर अड़े थे। पुलिस आने के बाद दोपहर में जीएम प्लांट पर पहुंचे तो भीड़ ने गेट पर ही घेर लिया। पुलिस ने उन्हें किसी तरह भीड़ से निकालकर ऑफिस तक पहुंचाया।
जिले की दातागंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रिजौला के मजरा माधुरी नगला में 56 मेगावाट का सौर ऊर्जा का प्लांट बन रहा है। 1270 बीघा जमीन में बन रहे इस प्लांट के निर्माण की जिम्मेदारी यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड मुंबई पर है। सरिला कंपनी ने जमीन खरीदने और प्लांट लगाने की जिम्मेदारी नीलकंठ प्राइवेट लिमिटेड इनर्जिक गाजियाबाद को दी है। यह कंपनी पूरा प्लांट तैयार करके सरिला कंपनी को हस्तांतरित करेगी। प्लांट का निर्माण शुरू होने के कुछ दिन बाद से ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। एक व्यक्ति के फंदा लगा लेने पर कंपनी वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी गई थी।
सोमवार को प्लांट पर जीएम के आने का लोगों को पता चला। इस पर सुबह करीब दस बजे माधुरी नगला, रौता, कोठा के दर्जनों की संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर प्लांट पर जा पहुंचे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों ने वहां पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया। प्लांट पर काम कर रहे लोगों को बंधक बना लिया। प्लांट की गाड़ियों को न अंदर आने दिया और न बाहर जाने दिया। इसकी सूचना थाना उसहैत को दी गई तो एसओ राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर जा पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। भीड़ में शामिल कुछ लोग प्लांट संचालकों से गाली गलौज कर रहे थे। लोगों के बुलाने पर दोपहर करीब एक बजे जीएम संजीव यादव प्लांट पर पहुंचे। उनकी गाड़ी देखते ही किसान लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े और चारों तरफ से घेर लिया। इस पर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने बमुश्किल भीड़ से निकालकर जीएम को सुरक्षित उनके दफ्तर पहुंचाया। जीएम ने अपने दफ्तर में पुलिस और कुछ ग्रामीणों से बात की। कुछ ग्रामीण एसडीएम दातागंज को बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन वह नहीं पहुंचे। पुलिस के समझाने पर शाम को ग्रामीण लौट गए।
बिचौलियों ने ऐसे किया खेल
जिस जमीन पर ऋण था बिचौलियों ने किसानों की उतनी धनराशि रोक ली। बाद में कुछ किसान कर्जमाफी में आ गए। अधिकतर समझौते के तहत 40-50 फीसदी राशि देकर बैंक से कर्ज मुक्त कर लिया। यह सुविधा कायदे में तो किसान को मिलनी चाहिए थी, लेकिन जमीन खरीदने वाले लाखों रुपये डकार गए।
...तब भी नहीं सुलझा था मामला
सौर ऊर्जा प्लांट के अधिकारियों और किसानों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए करीब दो माह पूर्व तत्कालीन एडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव ने तीनों पक्ष सरिला, नीलकंठ और किसानों के बीच बुलाकर वार्ता की थी। इसके बावजूद विवाद नहीं निपट सका।
हमने वायदे के अनुसार किसानों को नौकरी दी है। बाकी लोगों को प्लांट चालू होने पर ज्वाइन कराया जाएगा। मगर कुछ दलाल किस्म के लोग किसानों को बहका रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जो स्वेच्छा से नौकरी छोड़ चुके हैं। दवाब बनाने के लिए किसानों की आड़ में आए दिन हंगामा करते रहते हैं। आज इसी तरह के कुछ लोग ग्रामीणों को भड़का कर प्लांट पर ले गए थे।
- शिव कुमार गौड़, एमडी यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड