स्वास्थ्य विभाग के 26 कर्मचारी से की जानी थी पूछताछ
वर्ष 2011 में बदायूं में हुआ था एनआरएचएम में बड़ा घोटाला
लगभग 30 लाख रुपये के एनएचआरएम घोटाले के मामले में सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग के 17 कर्मचारियों से पूछताछ की है। जबकि नौ अन्य कर्मचारी और अधिकारियों को भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी करके मुख्यालय बुलाया लेकिन वे पहुंचे ही नहीं। जो कर्मचारी नहीं पहुंचे उनको फिर से नोटिस जारी किया जाएगा।
प्रदेश में वर्ष 2008 से 2011 के बीच राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में बड़ा घोटाला हुआ था। 2011 में घोटाले का पर्दाफाश हुआ। इस मामले में जांच सीबीआई को दी गई थी। जांच के दौरान पता लगा कि जिन जिलों में घोटाला हुआ उनमें बदायूं भी शामिल है। पड़ताल के दौरान सीबीआई ने बदायूं में 30 लाख रुपये का घोटाला ट्रेस कर लिया। यह घोटाला सिर्फ वर्ष 2011 का है। बाकी वर्षों की सीबीआई जांच कर रही है। घोटाला ट्रेस होने के बाद सीबीआई ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के करीब 26 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया था। सीएमओ बदायूं ने सभी कर्मचारियों को इस संबंध में सूचना दे दी थी। जांच एजेंसी ने देहरादून में 19 से 23 दिसंबर तक स्वास्थ्य विभाग के 17 कर्मचारियों से पूछताछ का काम पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग के नौ कर्मचारी और अधिकारी ऐसे हैं जो सीबीआई के देहरादून मुख्यालय पहुंचे ही नहीं। इनमें विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ फार्मासिस्ट, बाबू और वार्ड ब्वाय भी शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इन सभी कर्मचारियों को जांच एजेंसी फिर से नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब करेगी।
जननी सुरक्षा योजना भी सीबीआई के निशाने पर
बदायूं। जिले में जननी सुरक्षा योजना के तहत हर साल करोड़ों रुपये का बजट मिलता है। वर्ष 2011 में दातागंज तहसील के समरेर ब्लॉक में जननी सुरक्षा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया था। इसके बाद वर्ष 2014 में भी दातागंज में भी घोटाले के कई मामले सामने आए। खुलासा हुआ कि एक ही महिला के नाम जननी सुरक्षा योजना के तहत दो चेक जारी कर दिए गए। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप भी मचा था। सीबीआई ने इसका भी संज्ञान लिया है।
वर्जन-
यह सीबीआई के स्तर का मामला है। जिन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था उन सभी को सूचना दे दी गई थी। सभी से सीबीआई ने देहरादून में 19 से 23 दिसंबर तक पूछताछ होनी थी।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ