फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में बच्चों को छोड़, आधार कार्ड बनवाने चली गई महिला

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जिला अस्पताल में बुधवार सुबह एक महिला अपनी तीन मासूम बेटियों को रोता-बिलखता छोड़ गई। तीनों बच्चे रो-रोकर बेहाल हो गए कि उन्हें देखकर मौके पर तमाम लोग इकट्ठा हो गए। अज्ञात बच्चों को देखकर पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम पहुंच गई। तब तक कुछ लोगों ने बच्चों को दूध, बिस्किट और भोजन दे दिया। तीनों बच्चे वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम करकटपुर निवासी ठाकुरदास के निकले। महिला के लौटने पर पता चला कि वह आधार कार्ड बनवाने चली गई थी।
विज्ञापन

ठाकुरदास की पत्नी सुमन मंगलवार शाम अपनी तीन बेटियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। उनमें राखी चार साल, लालवती दो साल और चार माह की अंजलि थी। बुधवार सुबह सुमन अपनी तीनों बेटियों को छोड़कर अचानक अस्पताल से चली गई। सुबह करीब सात बजे तक बच्चे किसी तरह खेलते रहे लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया कि वह बेहाल होते गए। फिर उन्होंने रोना शुरू कर दिया। सुबह करीब 10 बजे बड़ी लड़की ने सबसे छोटी लड़की को गोद में उठाए अपनी मां को तलाशना शुरू कर दिया। दो साल की लड़की रोती हुई उसके पीछे दौड़ रही थी। तीनों बच्चों को रोता देख लोग ठिठक गए। देखते ही देखते तमाम लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने उन्हें बिस्किट दी तो कोई दूध और रोटी ले आया। सुबह 11 बजे तक तीनों बच्चे तमाशा बन गए। सूचना पर पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम भी पहुंच गई। कई महिलाएं एकत्र हो गईं, जिन्होंने बच्चों की मां को कोसना शुरू कर दिया। चाइल्ड लाइन टीम तीनों बच्चों को ले जा रही थी तभी महिला अस्पताल पहुंच गई। लोगों ने उससे सवाल किए तो बोली कि वह आधार कार्ड बनवाने बैंक गई थी। उसका पति मारपीट करता है। वह लोगों के यहां काम करके बच्चों को पालती है। इस पर पुलिस उसे कोतवाली ले गई। पति के आने पर पुलिस ने महिला और बच्चों को उसे सौंप दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें