बदायूं। एक बार फिर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सोत नदी किनारे बनी दो मंजिला बिल्डिंग को जेसीबी से गिरवा दिया। यह बिल्डिंग सोत नदी के पुल के बिल्कुल बराबर में बनी थी। जिला प्रशासन इसे अवैध मान रहा था। अंदर ही अंदर कई दिनों से बिल्डिंग गिराने की योजना तैयार हो रही थी। मंगलवार सुबह प्लान के मुताबिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उसके बाद जेसीबी से पूरी बिल्डिंग सोत नदी की तरफ गिरा दी गई। इससे मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा।
शहर कोतवाली क्षेत्र में लालपुल के पास बनी दो मंजिला बिल्डिंग कबूलपुरा निवासी नत्थू गद्दी की बताई जा रही है। बिल्डिंग मालिक ने आगे रेता बजरफुट की टाल लगा रखी थी। वहीं कई वाहन ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार आदि खड़े होते थे। इसके ठीक पीछे सोत नदी बह रही है। सोतनदी पर बना पुल इस बिल्डिंग के एक छोर पर है। वैसे तो यह बिल्डिंग जिला प्रशासन की नजर में काफी समय पहले आ चुकी थी और प्रशासन अंदर ही अंदर गोपनीय तरीके से बिल्डिंग को गिराने के बारे में सोच रहा था। बीच में लोकसभा चुनाव की वजह से मामला टल गया था लेकिन दो दिन पहले तैयार हो चुकी योजना के मुताबिक मंगलवार को एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर, शहर कोतवाल ओमकार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इससे पहले नगर पालिका से चार जेसीबी बुला ली गईं। मौके पर मौजूद कई थानों की पुलिस को पुल के दोनों ओर लगा दिया गया। बिल्डिंग गिराने के दौरान लालपुल एरिया पूरी तरह से सील कर दिया गया था। उसके बाद बिल्डिंग के ऊपर जेसीबी चलवा दी गई। बताते हैं कि इस दौरान बिल्डिंग मालिक मौके पर मौजूद था लेकिन पुलिस बल और अधिकारियों को देखकर वह चुपके से खिसक गया। मंगलवार दोपहर तक प्रशासन ने पूरी बिल्डिंग को तहस नहस करा दिया और उसके मलबे को सोतनदी की ओर गिरवा दिया।
पहले ढहाई जा चुकी है आबिद रजा की बिल्डिंग
- पूर्व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा की बिल्डिंग मंगलवार को गिराई गई बिल्डिंग के बिल्कुल बराबर में थी। करीब आठ माह पूर्व जिला प्रशासन ने इसी तरह से तैयारियां कर आबिद रजा की बिल्डिंग पर भी जेसीबी चलवा दी थी। उस दिन आबिद रजा की ही बिल्डिंग नहीं बल्कि एक और बरातघर ढहाया गया था, जो कि सोतनदी किनारे बना था। जिला प्रशासन के मुताबिक रकबे के अनुसार बरात घर सोतनदी की जमीन पर बना था। इससे जेसीबी चलवाई गई थी। इस दौरान बिल्डिंग गिराने को करीब आठ जेसीबी लगाई गईं थीं।
एक दिन पहले कुछ काम बताकर रूट करते डायवर्ट
-मंगलवार को अवैध बिल्डिंग गिराने के दौरान लालपुल तिराहे से लेकर बड़ी ज्यारत तक का एरिया एक तरह से सील कर दिया गया था। दोनों ओर काफी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई थी। बिल्डिंग ढहाने के दौरान न तो कोई वाहन उधर से गुजरने दिया गया और न ही जनता को आने-जाने की अनुमति दी गई। इससे शहर आने वाले वाहनों और लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। लोगों को नौशेरा से शेखूपुर होते हुए जालंधरी सराय चौराहे पर आना पड़ा। इससे लोगों को न सिर्फ परेशानी हुई बल्कि उन्हें अपना समय भी अधिक बरबाद करना पड़ा। लोगों का कहना था कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई सही है, लेकिन इसकी घोषणा एक दिन पहले कर देनी चाहिए था। यदि मामला गोपनीय भी रखना था तो कुछ और कार्य बताकर ट्रैफिक डायवर्ट की सूचना दी जा सकती थी, कम से कम जनता को परेशान तो न होना पड़ता।
निशाने पर हैं और भी कई बिल्डिंग
-सोतनदी किनारे दो तीन ही बिल्डिंग या मकान नहीं बने हैं। कई और मकान अवैध रूप से बने हैं। जिला प्रशासन ने गोपनीय रूप से सभी की सूची तैयार कर ली है। इन मकानों पर भी जल्द ही जेसीबी चल सकती है।
- सोतनदी के पुल के पास गिराई गई बिल्डिंग अवैध रूप से बनी थी। पूर्व में इन लोगों ने कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलजुल कर नक्शा पास करा लिया था। बिजली का कनेक्शन भी ले लिया था। इससे यह बिल्डिंग गिरा दी गई है। कुछ और भी मकान गिराए जाने हैं। उसकी भी तैयारी हो चुकी है।
रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन