उझानी (बदायूं)। चुनाव आचार सहिंता उल्लघंन के मामले में गुरुवार को प्रयागराज के एमएलए कोर्ट से जेल भेजे गए पूर्व मंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल को दूसरे दिन जमानत मिल गई। देर शाम उन्हें नैनी जेल से रिहा भी कर दिया गया। उन्हें वर्ष-2007 में नामजद किया गया था।
पूर्व मंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल ने वर्ष-2007 में बिल्सी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े थे। चुनाव आचार सहिंता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उझानी कोतवाली के दरोगा पीके द्विवेदी ने पूर्व मंत्री समेत उनके समर्थक पालिका सदस्य रामप्रवेश यादव, टेड़ामल अग्रवाल और शिवकिशोर माहेश्वरी उर्फ टॉमसन को नामजद कराया था। मामला कोर्ट में पहुंचा तो रामप्रवेश, टेड़ामल ओर टॉमसन ने सिविल जज बदायूं कोर्ट से अपनी जमानत करा ली लेकिन पूर्व मंत्री ने जमानत नहीं कराई थी। प्रदेश में अखिलेश यादव की अगुवाई में सपा की सरकार बनी तो प्रदेश सरकार ने विमलकृष्ण पर लगे चुनाव आचार सहिंता उल्लंघन के मामले को वापस लेने का पत्र जारी कर दिया था, सो वह निश्चित हो गए। बताते हैं कि कोर्ट ने प्रदेश सरकार के पत्र को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मामला एमपी-एमएलए कोर्ट प्रयागराज में चला गया। इसके बाद ही वह गुरूवार को कोर्ट में पेश हुए तो जज पवन तिवारी ने उन्हें अभिरक्षा में लेकर नैनी जेल भेज दिया। दूसरे दिन अर्जी दाखिल करने पर उन्हें जमानत मिल गई। उनके खिलाफ आचार सहिंता का ही एक और मामला भी उसी दौरान दर्ज हुआ था जिसमें एमपी एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को ही जमानत दे दी थी। जेल में उन्हें करीब 24 घंटे भी गुजारने पड़े। रिहा होने के बाद विमलकृष्ण ने फोन पर बताया कि मामला चुनाव आचार सहिंता का था। वह न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं।