बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले की जांच अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। इस घोटाले के दौरान 11 गोदामों को सील कर दिया गया था। इससे गोदामों में भरे खाद के कट्टों की संख्या पता नहीं चल सकी। अब पुलिस ने कट्टों की गिनती कराने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है।
यह खाद घोटाला करीब सात-आठ माह पहले हुआ था। उस समय सिविल लाइंस थाने में तत्कालीन अधिकारी, परिवहन ठेकेदार और गोदाम प्रभारी जगतपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अंदाजा था कि तीनों लोगों ने अन्य लोगों की मदद से करीब तीन करोड़ का खाद घोटाला किया था। शुरुआत में इसकी जांच के लिए तत्कालीन एसएसपी अशोक कुमार की ओर से एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टरों के ट्रांसफर हो गए। इससे एसआईटी भंग हो गई। तब से न तो एसआईटी का दोबारा गठन हुआ और न ही जांच आगे बढ़ सकी, जबकि यह मामला काफी गंभीर था और पीसीएफ की ओर से इसके सुबूत भी दिए गए थे। उसी समय संबंधित 11 गोदाम सील कर दिए गए थे। इस मामले की जांच कर रहे एसआई अरविंद कुमार सील गोदामों में भरी खाद के कट्टों की संख्या पता करने के प्रयास में हैं। गुरुवार को वह डीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात डीएम से नहीं हो सकी। एसआई अरविंद ने बताया कि ईद के बाद खाद के कट्टों का भौतिक सत्यापन होगा। इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। तभी जांच आगे बढ़ पाएगी।