बदायूं। बरेली-बदायूं मार्ग पर शनिवार को सड़क पार करते समय एक कार ने दो सगी मासूम बहनों को कुचल दिया, जिससे उनकी जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर तुरंत तीन थानों की पुलिस पहुंच गई और उसके बाद लोगों को वहां से हटाया। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करा दिया।
शनिवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मीरा जी चौकी निवासी वीरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी गुड्डी देवी अपने तीन बच्चों के साथ ससुराल करतौली गांव से घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दंपती अपने बच्चों के साथ करतौली गांव से पैदल चलकर बरेली-बदायूं मार्ग तक आए थे। बदायूं तक कोई वाहन पकड़ने केे लिए वह सड़क पार कर रहे थे कि इसी दौरान बदायूं की ओर से तेज गति में आई एक कार ने दंपती की बेटी राधिका (6) और सुजाता (7) को कुचल दिया। इसके बाद चालक कार को बरेली की तरफ भगा ले गया। यह देखकर दंपती अपने होशोहवास खो बैठे। उस दौरान हाईवे पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुुलेंस को सूचना दी। इस पर बिनावर इंस्पेक्टर धीरज कुमार सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत दोनों बच्चों को जिला अस्पताल भेज दिया, जहां रास्ते में दोनों बच्चों की मौत हो गई। इधर, हादसे के बाद घटनास्थल पर भीड़ लग गई। एहतियात के तौर पर मूसाझाग और कुंवरगांव थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर बितर किया और रोड से हटाया। इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया है। अभी परिवार वालों ने तहरीर नहीं दी है। कार की तलाश शुरू कर दी गई है।
...और अनहोनी हो गई शनिवार को
-ग्रामीण इलाकों में महिलाएं मायके आने-जाने का दिन तय करती हैं। शनिवार को वीरेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल से घर लौट रहे थे। इससे पहले उनके ससुर चंद्रपाल और अन्य लोगों ने घर लौटने के लिए मना किया था। उन्होंने रोका भी था, लेकिन बरेली-बदायूं रोड पर दोनों बच्चों की मौत पहले से इंतजार कर रही थी। इससे दंपती भी कुछ नहीं समझ सके और घर के लिए चल दिए। फिर हाईवे पर यह हादसा हो गया। वीरेंद्र के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें दो बेटियों की मौत हो गई।