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‘सेफ प्वाइंट’ मिलने पर शुरू हो गया सफेद रेत का काला धंधा

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उझानी (बदायूं)। बदायूं जिले में बालू खनन का कोई प्वाइंट नहीं होने के बाद रोजाना ही ट्रैक्टर ट्रॉलियां नजर आने लगी हैं। बालू लदे ज्यादातर ट्रैक्टर कादरचौक क्षेत्र के भूड़ा-भदरौल और कछला की ओर से यहां पहुंच रहे हैं। खनन गंगा किनारे कहां से किया जा रहा है, यह अफसरों को भले ही नहीं पता हो लेकिन ट्रैक्टर ट्रॉलियां गांव पिपरौल और खजुरारा की ओर से देर रात या फिर तड़के निकलती मिल जाएंगीं। ये प्वाइंट धंधेबाजों के लिए सुरक्षित साबित हो रहे हैं।
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लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले तक जिले में बालू खनन के दो प्वाइंट थे। कादरचौक थाना क्षेत्र का प्वाइंट पट्टाधारक की मृत्यु तो दूसरा प्वाइंट बकाया जमा नहीं होने की स्थिति में बंद हो चुका है। इसके बाद कोई भी प्वाइंट नहीं खुला। फिर भी कादरचौक क्षेत्र में भूड़ा-भदरौल और कोतवाली क्षेत्र में खजुरारा और पिपरौल की ओर से रोजाना ही बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो कछला के आसपास इलाके में धंधेबाज देर रात या फिर तड़के तक बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देते हैं। ज्यादातर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को तिरपाल आदि से ढककर लाया जाता है, ताकि किसी की नजर भी ट्रॉलियों में लदी बालू पर नहीं पड़ पाए। गुरुवार रात बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पुलिस कर्मियों की नजर भी पड़ गई लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि ऐसा कोई मामला पुलिस तक नहीं आया है। खनन भी इलाके में नहीं हो रहा है।

...लो देखो रॉयल्टी की रसीद, कासगंज से लाए हैं बालू
उझानी। चोरी छिपे कछला और कादरचौक क्षेत्र में गंगा किनारे से बालू खनन करने वाले धंधेबाजों के लिए कासगंज जिले के प्वाइंट ने राहत मुहैया करा दी है। बताते हैं अवैध खनन के बाद बालू से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कोई पुलिस कर्मी या फिर राजस्व अफसर पकड़ते हैं तो उनके पास दिखाने के लिए रॉयलटी की रसीद भी होती है। रॉयल्टी की रसीद कासगंज के प्वाइंट से जारी होती है। हालांकि रसीद पर लोडिंग से लेकर अनलोडिंग करने तक का समय दर्ज होता है लेकिन न जाने क्यों उस पर गौर करने की कोशिश नहीं की जाती।
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बदायूं जिले में बालू खनन का कोई प्वाइंट नहीं है। कासगंज की ओर से बालू पहुंचती है। रॉयल्टी की रसीदें भी ट्रैक्टर चालकों के पास होती हैं। जिले की सीमा में कहीं पर भी बालू खनन नहीं होने दिया जाएगा। पहले कार्रवाई भी की जाती रही है।- नरेंद्र कुमार सिंह, खनन निरीक्षक।
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