फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैंगरेप पीड़ित के परिवार को फिर मिली घमकी, रिपोर्ट दर्ज, पीएसी तैनात

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-31
विज्ञापन

गैंगरेप पीड़ित के परिवार को फिर घमकी, रिपोर्ट दर्ज, पीएसी तैनात
मूसाझाग में गैंगरेप के बाद किशोरी के जान देने का मामला, किशोरी के भाई ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मूसाझाग/ दातागंज (बदायूं)। गैंगरेप के बाद किशोरी के आत्महत्या करने का मामला शासन तक पहुंचने के बावजूद आरोपी पक्ष दबंगई से बाज नहीं आ रहा है। गैंगरेप के मुकदमे में समझौता न करने पर पीड़ित परिवार वालों को दोबारा जान से मारने की धमकी दी गई है। इस पर पुलिस ने किशोरी के भाई की और गांव के तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमें एक नामजद है। अफसरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पीएसी तैनात कर दी है। मूसाझाग थाना क्षेत्र में 20 अगस्त की रात 15 वर्षीय किशोरी से गांव के तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। परिजनों के तलाशने पर किशोरी गांव के सरकारी स्कूल में बेसुध पड़ी मिली थी। इस मामले में पुलिस ने एक नामजद समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मामला उछलने से किशोरी काफी आहत हो गई थी। इसी के चलते 22 अगस्त की रात किशोरी ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस भी सकते में आ गई। किशोरी के शव का 23 अगस्त को पैनल में पोस्टमार्टम कराया गया। उस दौरान भी किशोरी के भाई ने आरोपी लंकुश के भाई पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले को हल्के में ले लिया। आरोप है कि इससे आरोपितों के हौसले और बढ़ गए। आरोपी लंकुश के भाई हरदेव ने परिवार वालों से कहा कि वे फैसला कर लें नहीं तो उनको जान से मार दिया जाएगा। इसकी शिकायत पर थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात हरदेव और दो अन्य लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने के आरोप में रिपोट दर्ज कर ली। इधर, पुलिस विभाग ने पीड़ित परिवार को असुरक्षित मानते हुए शुक्रवार को उनके घर के बाहर पीएसी को तैनात कर दिया। पीएसी के लिए पास का एक मकान खाली करा दिया गया है। अग्रिम आदेशों तक पीएसी पीड़ित परिवार की सुरक्षा में रहेगी।
----
नहीं छोड़ने देंगे गांव, हम देंगे साथ: प्रधान
प्रधान राकेश सिंह का कहना है कि वह पीड़ित परिवार को गांव नहीं छोड़ने देंगे। उनके समेत गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की मदद को पूरी तरह साथ हैं। उनकी जो भी समस्या होगी गांव वाले मिलकर हल करेंगे। मगर पीड़ित परिवार को भी हिम्मत से काम लेना होगा।
विज्ञापन

------------
पीड़ित पक्ष के खेत में खड़ी 14 बीघा फसल उजाड़ी
पीड़ित परिवार के 12-14 बीघा खेत में धान थे। किशोरी के पिता और भाई रोजाना रात को जंगली जानवरों से बचाव के लिए रखवाली करने जाते थे। घटना के बाद आरोपियों के डर की वजह से पीड़ित परिवार अपने खेत पर नहीं गया। गुरुवार रात किसी ने उनके खेत में खड़ी धान की पूरी फसल उजाड़ दी। ----------------
पीड़ित परिवार को दिया गया था 50 लाख का लालच
- पीड़ित परिवार की माने तो उन्हें गैंगरेप की वारदात के बाद पचास लाख रुपये का लालच दिया गया था। फैसला कराने के लिए गांव के ही कई लोग आरोपी पक्ष के साथ आए थे। उस दौरान परिवार वालों ने फैसला करने से मना कर दिया तो आरोपी के भाई ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
-----
बैकफुट पर आई पुलिस, बयानबाजी बंद
मूसाझाग कांड में अब पुलिस अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। हर बात को विवेचना पर छोड़ दिया गया है। पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है। अब इसके बारे में भी नहीं बताया जा रहा है। गैंगरेप की घटना के बाद एसएसपी अशोक कुमार ने कॉल डिटेल के आधार पर इस मामले को प्रेम प्रसंग का मामला बताया था। परंतु उसके आगे क्या हुआ, क्या वास्तव में प्रेम प्रसंग था, किशोरी का गैंगरेप हुआ था या फिर किशोरी स्वेच्छा से गई थी। अब तक कोई खुलासा नहीं किया गया है।
विज्ञापन

--
पुलिस ने दोबारा किया मौका मुआयना
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मूसाझाग थाने की पुलिस टीम दोबारा पीड़ित किशोरी के घर गई। पुलिस ने घटना स्थल पर जाकर नक्शा तैयार किया। इसके बाद पीड़ित परिवार और गांव के लोगों से घटना की संबंध में बातचीत की। करीब एक घंटे छानबीन करने के बाद पुलिस लौट गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें