लचर व्यवस्था के चलते जिला अस्पताल के हालात सुधर नहीं रहे हैं। यहां एक के बाद एक शर्मनाक घटनाएं हो रही हैं। अभी पत्नी के शव को कंधे पर ढोने वाले मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी कि गुरुवार दोपहर यहां पुलिस ने एक सरकारी कर्मचारी समेत तीन लोगों को रंगे हाथों जुआ खेलते गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड का है। यहां इस वार्ड में चार अलग-अलग कंपार्टमेंट बने हैं। एक नंबर कंपार्टमेंट में पुलिस चौकी खुली है। चार नंबर में डॉक्टर रहते हैं। जबकि दो और तीन नंबर कंपार्टमेंट स्पेशल मरीजों के लिए है। इस वार्ड में भर्ती होने के लिए मरीज को करीब डेढ़ सौ रुपये प्रतिदिन चुकाना पड़ता है। गुरुवार को दो नंबर कंपार्टमेंट में एक मरीज भर्ती था। जबकि तीन नंबर कंपार्टमेंट में जिला अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने दो अन्य साथियों के जुआ खेल रहा था। इसका पता तब चला, जब दोपहर करीब दो बजे सदर कोतवाली पुलिस ने यहां छापामारी की। उस समय कंपार्टमेंट का गेट कुछ खुला था। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने साथियों के साथ मरीजों के लिए डाले गए बेड पर बैठकर पत्ते बांट रहा था। एक साथी सिगरेट के छल्ले उड़ा रहा था। पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। तलाशी में एक व्यक्ति के पास कंडोम भी मिले। पुलिस इन लोगों को पकड़ कर कोतवाली ले गई। इधर, प्राइवेट वार्ड में जुआरी पकड़े जाने की खबर फैलते ही जिला अस्पताल में खलबली मच गई।
कई दिनों से हो रहा है जुआ
जिला अस्पताल में जुआ होना नई बात नहीं है। यहां कई साल से जुआ हो रहा है। ड्यूटी के टाइम में कर्मचारी एकत्र हो जाते हैं और प्राइवेट वार्ड या सुलभ शौचालय में बैठकर आराम से जुआ खेलते हैं। इस खेल में अस्पताल के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
जुआ खेलते जिला अस्पताल का सिर्फ एक कर्मचारी पकड़ा गया है। दो लोग कौन हैं, इसका हमें नहीं पता। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। कर्मचारी के खिलाफ हमारी ओर से जांच कराई जाएगी। तभी आगे की कार्रवाई होगी।
-डॉ. आरएस यादव, सीएमएस जिला अस्पताल