बदायूं/ उसहैत।
रंजिश के चलते विरोधी पक्ष के लोगों ने एक ग्रामीण को लाठी-डंडों से जमकर पीटा और मृत जानकर गली में फेंककर भाग गए। परिवार वाले घायल को उठाकर जिला अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी कमल किशोर ने जिला अस्पताल जाकर घटना की जानकारी की।
करीब दस महीने पहले उसहैत थाना क्षेत्र के सराय बरेनिया गांव निवासी कौशर अली और उसी गांव के इसरात के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को जेल भेजा था, जो कोर्ट से जमानत मिलने के बाद छूटे थे। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही है।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे 50 वर्षीय कौशर अली गांव में ही स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद घर लौट रहा था। भाई सिराज के मुताबिक वहीं मस्जिद से सटा हुआ विरोधी पक्ष के लोगों का घर है। मस्जिद से कुछ कदम आगे बढ़ते ही विरोधी पक्ष के लोगों ने कौशर अली को पकड़ लिया और खींचकर अपने घर में ले गए। घर के अंदर कौशर को लाठी-डंडे, लोहे की सरिया आदि से जमकर पीटा गया। उसे मरा जानकर लहूलुहान हालत में फेंककर हमलावर फरार हो गए। इसका पता लगने पर कौशर के परिवार वाले दौड़कर मौके पर पहुंचे। फौरन घायल कौशर को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस में खलबली मच गई। सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव और उसहैत पुलिस सराय बरेनियां गांव पहुंची और घटना के बारे में छानबीन की। हत्यारोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। हालांकि देर शाम तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।
-------
दस महीने पहले हुई मारपीट की घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। इसी के चलते घटना को अंजाम दिया गया है। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है। मृतक के परिवार वाले जो तहरीर देंगे उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी
------
शिकायत करने पर भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
बदायूं। विरोधी पक्ष के लोग पिछले कई दिनों से कौशर अली और उसके परिवार वालों को धमकियां दे रहे थे। इसकी शिकायत उघैती थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कौशर अली और उनके विरोधी पक्ष के बीच करीब दस महीने पहले एक जमीन पर कब्जे को लेकर रंजिश शुरू हुई थी। उस दौरान मारपीट होने पर दोनों पक्ष जेल गए थे। पीड़ित परिवार के मुताबिक जमानत पर छूटने के बाद विरोधी पक्ष के लोग धमकियां दे रहे थे। उन्होंने इसकी शिकायत कई बार थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। डर की वजह से परिवार का कोई सदस्य अकेले घर से नहीं निकलता था। मंगलवार सुबह नमाज पढ़ने की वजह से कौशर अकेले चला गया। योजना के तहत विरोधी पक्ष के लोगों ने कौशर अली की हत्या कर दी।
--------
आधा घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस
कौशर अली की मौत का पता चलने पर गांव के सैकड़ों लोग जिला अस्पताल जा पहुंचे। पूर्व चेयरमैन नवाब हसन भी पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाने पहुंचे। परिवारीजन ने बताया कि हमलावर कौशर अली को गली में फेंक गए थे। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। हमलावरों के डर की वजह से गांव वाले मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सूचना देने पर करीब आधे घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। परिवारीजनों के मुताबिक पुलिस समय पर पहुंच जाती और कौशर को जल्दी इलाज मिल जाता तो जान बच सकती थी।
----
सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट
पुलिस ने मंगलवार देर शाम मृतक कौशर अली के बेटे आशिफ की ओर से सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें वहीं के रहने वाले इशरात, मोहसिन, आफाक, अकरम, सरबर, अफसर अली, साबेद को नामजद किया गया है।