बदायूं। सरकार भले ही जनता की भलाई के लिए कितनी योजनाएं लागू कर दे, लेकिन कभी प्रशासनिक मशीनरी तो कभी सरकारी मुलाजिम उसका लाभ जनता को नहीं लेने देते तो कभी-कभी ये योजनाएं फर्जीवाड़े की भेंट भी चढ़ जाती है। ऐसे ही एक फर्जीवाड़े का खुलासा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में हुआ है, जिसमें गैस एजेंसी द्वारा कई महिलाओं को योजना के नाम पर कनेक्शन जारी कर दिए गए, जबकि वास्तविकता में इन लोगों को पता तक नहीं था कि उनके नाम पर कनेक्शन किया गया है। गरीब कनेक्शन के लिए भटकते रहे और दूसरी ओर गैस की कालाबाजारी की जाती रही। पूर्ति विभाग द्वारा जब मामले की जांच की गई तो ऐसे कई नाम सामने आए, जिनके नाम पर कनेक्शन जारी करके ये फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। इस संबंध में गैस एजेंसी मालिक से भी संपर्क करने की कोशिश की गई पर उनका पक्ष नहीं मिल सका।
उझानी के ग्राम वितरोई निवासी कश्मीरीलाल ने पांच फरवरी को जिला पूर्ति कार्यालय में शिकायत की थी कि शहर की विजयनगर कॉलोनी स्थित शुभ कृष्णा गैस एजेंसी तथा उसके एक पूर्व कर्मचारी द्वारा उज्ज्वला योजना के 20 सिलिंडर गायब कर दिए गए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश गौतम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। उन्होंने गैस एजेंसी पर पहुंचकर पूछताछ की तो उन्हें जांच में सहयोग नहीं किया गया। एआरओ ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो चौंकाने वाली बाते सामने आईं। इसमें कई ऐसे नामों का पता लगा, जिनके नाम पर कनेक्शन जारी कर दिए गए थे, लेकिन उन्हें आज तक कनेक्शन दिया नहीं गया। और तो और, इन लोगों को पता तक नहीं था कि उनके नाम उज्ज्वला योजना का कनेक्शन जारी कर दिया गया है।
इन लोगों के नाम जारी किए फर्जी कनेक्शन
वितरोई निवासी कश्मीरी लाल के आधार संख्या 900178276578 पर योजना का गैस कनेक्शन इंडेन की उझानी गैस एजेंसी पर है, लेकिन उन्हें आज तक कनेक्शन नहीं मिला। इसी प्रकार सुनीता के आधार संख्या 285023701770 पर, मुन्नी देवी के आधार संख्या 997163556392 पर, सोमवती के आधार संख्या 620756538880 पर, सत्यवती के आधार संख्या 950904793267 पर कनेक्शन जारी कर दिए गए, लेकिन उन्हें कभी कनेक्शन मिला ही नहीं। इसके अलावा भी कई ऐसी महिलाओं के नाम कनेक्शन जारी किए गए, लेकिन उन्हें यह पता भी नहीं था कि उनके नाम पर गैस की कालाबाजारी की जा रही है।
एआरओ की कार्रवाई से अफरा-तफरी
बदायूं। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में एआरओ महेश गौतम ने कुछ माह पूर्व ही यहां कार्यभार संभाला है। उनके ही प्रयासों से कई ऐसे लखपति और करोड़पति के नामों का खुलासा हुआ जो हर माह गरीबों का राशन डकार रहे थे। उनके द्वारा लगातार ऐसे लोगों की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से डरकर कई लोग खुद ही अपने राशन कार्डों को विभाग के पास सरेंडर कर रहे हैं।
डीएम ने जांच के लिए बनाई टीम बदायूं। कश्मीरी लाल द्वारा की गई शिकायत तथा एआरओ की जांच आख्या के बाद डीएम दिनेश कुमार सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए विस्तृत जांच करने के लिए तुरंत ही एक टीम का गठन कर दिया। डीएम ने बताया कि टीम में डीएसओ, सहायक निदेशक, बचत एवं सहायक अभियंता, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को रखा गया है। टीम से 11 फरवरी तक पूरी जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
मैं जांच के लिए शुभ कृष्णा भारत गैस एजेंसी पर गया था, लेकिन वहां के मालिक और स्टाफ ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया। जब मैंने अपने स्तर से जांच की तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। योजना के नोडल अधिकारी से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी सहयोग नहीं दिया। संबंधितों पर कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा है, जिस पर उन्होंने विस्तृत जांच के लिए टीम का गठन किया है।
-महेश गौतम, एआरओ