दो महीने से लापता नवीं कक्षा के छात्र का बुधवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर बोरे मे बंद कंकाल मिला। परिवार वालों ने शर्ट और दांत से मृतक की शिनाख्त की, जिसके बाद कोहराम मच गया। पहले छात्र के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे हत्या में तरमीम कर दिया गया। सीओ ने मौका मुआयना किया। परिवार वाले रुपयों के लेनदेन को लेकर साझेदारों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के दहगवां निवासी महावीर सिंह यादव का 16 वर्षीय बेटा पपनेश कुमार अशर्फीलाल कॉलेज में कक्षा नौ का छात्र था। घर की माली हालत खराब होने के कारण पपनेश पढ़ाई के साथ गांव के लोगों के साझे में पशु खरीदने-बेचने का काम करने लगा था। पिता महावीर ने बताया कि 15 जनवरी को पपनेश साझेदारों संग बुलंदशहर के बेलौन की बाजार में दो भैंस बेचने के बाद घर लौटा था। भैंसें बेचने पर मिले 65 हजार रुपये पपनेश के साथ थे। पिता महावीर के मुताबिक घर में कुछ देर रुकने के बाद शाम को पपनेश साझेदारों से हिसाब करने की कहकर गया था, जिसके बाद नहीं लौटा। परिवार वालों के तलाशने पर पता चला कि पपनेश साझेदारों के घर गया था। उसके बाद से कुछ पता नहीं चला। अगले दिन थाना जरीफनगर में पपनेश की गुमशुदगी दर्ज करा दी गई। बाद में जब पपनेश का कहीं कुछ पता नहीं लगा तब 23 जनवरी को गुमशुदगी का मामला अपहरण में तरमीम कराया गया। पुलिस पपनेश का पता लगा रही थी। फिर भी पुलिस को उसके बारे में कहीं कुछ पता नहीं लग पाया। छात्र के परिवारीजनों के दबाव बनाने पर 23 जनवरी को गुमशुदगी अपहरण के मुकदमे में तरमीम कर दी गई।
बृहस्पतिवार सुबह दहगवां समसपुर कूबरी रोड स्थित मठ के पीछे लोगों ने एक बोरा पड़ा देखा, जिस पर मक्खियां बैठी थीं। इसकी चर्चा फैली तो आसपास के लोग जमा हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची जरीफनगर पुलिस ने बोरा खोलकर देखा तो किशोर की खोपड़ी व कंकाल निकला। कंकाल मिलने का पता लगने पर पहुंचे महावीर ने शर्ट, उस पर लगी टेलर के नाम की चिट और दांत से मृतक की शिनाख्त अपने बेटे पपनेश के रूप में की। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने अपहरण के मुकदमे में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धारा बढ़ा दी है। पिता महावीर का कहना है कि पपनेश के पास 65 हजार रुपये थे। इसी रकम को लेकर उसकी हत्या कर दी गई। अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद से हत्या करने वाले घर से फरार हैं। उन्होंने पुलिस को हत्यारोपियों के नाम बता दिए हैं।
पुलिस की लापरवाही से गई पपनेश की जान
बदायूं। परिवार वालों का आरोप है कि पपनेश की हत्या के पीछे जरीफनगर पुलिस की लापरवाही है। पपनेश के गायब होने पर परिवार वालों ने आशंका जताते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा था, लेकिन उसी दिन छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस दूसरे लोगों को परेशान करती रही, लेकिन असल आरोपियों को नहीं पकड़ा। इस बीच आरोपी घर से फरार होने में कामयाब हो गए।
कहीं और की गई थी पपनेश की हत्या
पपनेश का कंकाल जहां मिला उधर से आम रास्ता है। वहां बने मठ पर भी लोग बैठे रहते हैं। इससे पहले वहां कुछ नहीं पड़ा था। लोगों का कहना है कि पपनेश की हत्या कहीं और की गई थी। बुधवार की रात में कंकाल बोरे में बंद करके गांव के बाहर फेंक दिया गया।
परिजनों को धमकी देते रहे आरोपी
पिता महावीर ने बताया कि वह जिन लोगों पर पपनेश की हत्या का शक जता रहे उन पांच लोगों में अलग-अलग तीन और दो सगे भाई हैं। वे लोग आए दिन पपनेश के परिवार वालों को धमकियां देते थे। उनमें एक आरोपी बुधवार को कौल्हाई गांव में लगने वाली बाजार में पपनेश के रिश्ते के बाबा को मिला था। उन्हें भी आरोपी ने धमकी दी थी। उसने पपनेश की हत्या करके लाश छिपाने की बात भी कबूली थी।
पूर्व एमएलसी के प्रतिनिधि ने बंधाया ढाढ़स
छात्र का कंकाल मिलने की सूचना पर पूर्व जितेंद्र यादव के प्रतिनिधि पंकज सिंह गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने छात्र पपनेश के पिता से बातचीत की और हर संभाव मदद का भरोसा दिया।