उझानी (बदायूं)। कटरी के गांव हुसैनपुर खेड़ा के पूर्व प्रधान वीरेंद्र कश्यप के भाई की हत्या के मामले में फरार नामजदों की गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस ने उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी। पीएसी के जवानों की संख्या में इजाफा कर उन्हें दोनों पक्ष के घरों के आसपास तैनात कर दिया गया है। नामजदों की गिरफ्तारी होने तक गांव में पुलिस फोर्स भी तैनात रहेगा।
बुधवार को पूर्व प्रधान वीरेंद्र कश्यप के भाई सुखपाल की हत्या फिर अगले दिन ही दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत के बाद से हालात पर नजर रख रही कोतवाली पुलिस ने हुसैनपुर खेड़ा में हालात पूरी तरह सामान्य बताए हैं। बृहस्पतिवार शाम को प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के भाई पप्पू से बयान दर्ज कराने के लिए समय मांगा लेकिन घटना के बाद से सदमा महसूस कर रहे पप्पू ने एक-दो दिन में अपना बयान देने को कहा है। नामजदों समेत उनके पक्ष के ज्यादातर पुरुष सदस्य फरार है लेकिन पुलिस ने शुक्रवार सुबह पड़ोस के दो ऐसे गांवों में दबिश, जहां आरोपी के छिपे होने के संकेत मिल रहे थे। गिरफ्तारी की दिशा में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। बता दें कि जमीन को लेकर करीब एक दशक पहले हुई रंजिश में अब तक दोनों पक्ष के तीन लोगों का खून बह चुका है।
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प्रमोद कुमार बने कछला चौकी इंचार्ज
उझानी। हुसैनपुर में पूर्व प्रधान के भाई सुखपाल कश्यप की हत्या के बाद एसएसपी ने चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह, सिपाही अमरनाथ को सस्पेंड कर दिया था। घटना के अगले दिन कोतवाली से दरोगा प्रयागराज को चौकी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया लेकिन अब एसएसपी ने दरोगा प्रमोद कुमार सिंह को चौकी प्रभारी बनाया है। प्रमोद को चौकी प्रभारी पिछले महीने ही नियुक्त किया था लेकिन उस दौरान चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह का स्थानांतरण रद्द कर प्रमोद को कोतवाली में रोक दिया गया था।