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पति ने यूरिया पीकर जान दी, पत्नी ने कर लिया आत्मदाह

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बदायूं। उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम कमले नगला में सोमवार देर रात एक दंपती ने गृहक्लेश के कारण अपनी जान दे दी। पति ने घर में रखे यूरिया को घोल बनाकर पी लिया, जबकि उसकी पत्नी ने केरोसिन छिड़कर खुद को आग लगा ली। घटना के बाद दंपती के बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
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ग्राम निवासी बसंत (42) पुत्र चुन्नीलाल गांव के बाहर बने मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। करीब पांच साल से उसे कम दिखाई दे रहा था। इससे घर के अधिकतर कार्य उसकी पत्नी मीरा (38) करती थी। कभी-कभी मीरा मजदूरी करने भी चली जाती थी, जो कि बसंत को बुरा लगता था। बड़े भाई मोरपाल का कहना है कि तीन दिन पहले मीरा गांव के ही सतेंद्र के खेत में मजदूरी पर तंबाकू के पत्ते तोड़ने गई थी। उस दिन बसंत और मीरा के बीच काफी विवाद हुआ था। सोमवार रात को भी विवाद हुआ। रात करीब 12 बजे बसंत ने घर में रखा यूरिया घोलकर पी लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद मीरा को इसका पता चला तो उसने खुद के ऊपर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा ली। इस दौरान दंपती के चार बच्चे घर में सो रहे थे। आग की लपटों से घिरी मीरा घर के बाहर भागी तो उसकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए और उन्होंने जैसे-तैसे आग बुझाई। उसके बाद परिवार वाले दंपती को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने बसंत को मृत घोषित कर दिया, जबकि मीरा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस ने मौके से यूरिया और उसका घोल बरामद किया है।

दंपती ने गृह क्लेश के चलते जान दी है। उनके बीच विवाद चल रहा था। इससे दोनों ने स्वयं आत्मघाती कदम उठाया है। हमने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। मामले की जांच चल रही है।
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- इंद्रेश कुमार, एसओ उसहैत

बसंत नहीं चाहता था कि मीरा खेतों में करे मजदूरी
बदायूं। ग्राम कमले नगला निवासी बसंत भले ही आंखों में कम रोशनी के कारण मजबूर था लेकिन पत्नी के मजदूरी करने से उसके सम्मान को ठेस पहुंचती थी। वह नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी मीरा किसी के खेत में जाकर मजदूरी करे लेकिन परिवार चलाने के लिए मीरा को यह सब करना पड़ता था। मीरा का घर से निकलना ही बसंत को बुरा लगता था।
उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम कमलेनगला निवासी बसंत तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके छह बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी पिंकी (18) की शादी हो चुकी है। उससे छोटा बेटा जितेंद्र (16) पिंकी के पति अजय के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि उससे छोटा विकास (12), बेटी रिंकी (8), उससे छोटा चार वर्षीय बेटा और दो वर्षीय बेटी घर पर रहते हैं। बसंत का घर गांव के बाहर बना है। उसके घर पर टिन पड़ी है। बड़ा भाई मोरपाल गांव में अंदर रहता है, जबकि मझला भाई ओमकार बड़े भाई की बेटी के घर रहता है।
वैसे तो बसंत खेतीबाड़ी करता था लेकिन करीब पांच साल से उसे कम दिखने लगा था। वह मजदूरी आदि कर लेता था, लेकिन कम दिखने की वजह से उसे अब काम मिलना बंद हो गया था। इससे उसकी पत्नी लोगों के खेतों पर मजदूरी करने चली जाती थी। बाकी उसका बेटा रुपये भेज देता था। इससे बसंत के परिवार का खर्चा चल रहा था। बड़े भाई मोरपाल ने बताया कि बसंत नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी किसी के यहां मजदूरी करे लेकिन घर चलाने के लिए मीरा लोगों के खेत में काम करने चली जाती थी, जो कि बसंत को बुरा लगता था। इसी बात को लेकर बसंत और मीरा के बीच विवाद होता था, और यही विवाद उनकी मौत की वजह बन गया।

किसी वकील ने लगवा लिया था कोरे कागज पर अंगूठा
कमलेनगला में बसंत के आत्महत्या करने के बाद उसके घर से पुलिस के नाम की एक तहरीर रखी मिली थी। उस पर बसंत का अंगूठा लगा हुआ था। तहरीर पर उसके नाम के साथ लिखा था कि उसकी खेड़ा जलालपुर में जमीन है। बरेली के वकील साहब उसके नाम की जमीन का बैनामा कराना चाहते हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के भाई मोरपाल ने बताया कि दातागंज कोतवाली पुलिस को संबोधित लिखे गए पत्र में बसंत ने कार्रवाई की मांग की थी। यह शिकायती पत्र कब लिखा गया था। इसका कुछ पता नहीं है।
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