बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले की जांच में नया मोड़ आ सकता है। जांच कर रही एसआईटी को कुछ नए तथ्य मिले हैं। माना जा रहा है कि इस घोटाले में कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। उनके सहयोग से ही गोदामों से तीन करोड़ की खाद गायब हुई थी। हालांकि अभी एसआईटी ने किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। अनुमान है कि जल्द ही कुछ और लोग भी पुलिस कार्रवाई के लपेटे में आ सकते हैं।
इस घोटाले के संबंध में करीब एक माह पूर्व सिविल लाइंस थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक कुमार शर्मा ने गोदाम प्रभारी जगतपाल, परिवहन ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें परिवहन ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारी के नाम नहीं खोले गए थे। सिर्फ उनके पदनाम के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच के लिए एसएसपी अशोक कुमार ने खासतौर पर एसआईटी का गठन किया था। इस मामले की मॉनीटरिंग एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो इस मामले की जांच कर रही एसआईटी कब्जे में लिए गए सारे अभिलेखों की जांच कर चुकी है। तमाम प्रयासों के बावजूद वह अभिलेख नहीं मिले, जिससे पता चलता कि खाद कहां गायब हुई।
इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने सिर्फ गोदाम प्रभारी, परिवहन ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारी को दोषी माना है। जबकि एसआईटी की जांच में कुछ अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों के घोटाले में संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। इस संबंध में एसआईटी को कुछ तथ्य भी मिले हैं। जिनकी जांच करने में वह जुटी है।