बंदी रूपकिशोर को भगाने
वाली महिला गिरफ्तार
जिला अस्पताल से फरार हुआ था बंदी, मुठभेड़ में हुआ था गिरफ्तार
एक हजार की इनामी थी बंदी की प्रेमिका
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल से बंदी रूपकिशोर को फरार कराने वाली प्रेमिका गुरुवार सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने कचहरी तिराहे से उसे गिरफ्तार कर लिया। दोपहर के समय उसे कोर्ट में पेश किया गया। उसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। महिला मुख्य रूप से बिहार के वैशाली जिले की रहने वाली है।
जिला कारागार का विचाराधीन बंदी रूपकिशोर मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिकंद्राबाद का निवासी है। चार अप्रैल को उसे कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। उसी दिन जेल लौटते समय रूपकिशोर पेट दर्द का बहाना बनाकर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था। पेशी पर मिलने आई उसकी प्रेमिका मंजू उर्फ वर्षा निवासी जनपद वैशाली बिहार भी उसके साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। रातभर रूपकिशोर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती रहा। उसकी प्रेमिका भी साथ रही। दूसरे दिन पांच अप्रैल की तड़के प्रेमिका ने वार्ड की रेकी की और फिर दोनों वहां से फरार हो गए। रूपकिशोर तीन दिन बाद बिनावर क्षेत्र में भुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हो गया था, लेकिन उसकी प्रेमिका का कुछ पता नहीं चल सका।
गुरुवार सुबह सदर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अशोक कुमार सोलंकी को सूचना मिली रूपकिशोर की प्रेमिका इस समय कचहरी परिसर में घूम रही है। उन्होंने तुरंत महिला सिपाहियों को साथ लिया और अपनी टीम के साथ कचहरी परिसर की घेराबंदी कर दी। जैसी ही रूपकिशोर की प्रेमिका कचहरी तिराहे की ओर बढ़ी कि महिला सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। उसके बाद उसे कोतवाली ले जाया गया। जहां पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया और फिर बाद में उसे जेल भेज दिया गया। सदर कोतवाल ओमकार सिंह के मुताबिक मंजू उर्फ वर्षा पुत्री विमल बिहार में वैशाली जिले की रहने वाली है। उस पर एक हजार रुपये का इनाम घोषित था।