फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो फिर उझानी में चोर गिरोह दे चुका है दस्तक

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो- 13 बीडीएनयूजेएचपीएच-04,05
विज्ञापन


उझानी में चोरी की घटनाओं में इजाफा
फोरेंसिक टीम की फील्ड यूनिट कर चुकी है तहकीकात
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
एकाएक चोरी की घटनाएं बढ़ने से यहां लोगों की नींद उड़ गई है। ऐसा भी नहीं कि पुलिस ने संदिग्धों को दबोच कर पूछताछ नहीं हो, फिर भी कोई क्लू हाथ नहीं लगने से किसी बड़े गिरोह के आने की आशंका बढ़ गई है।
नगर समेत आसपास इलाके में चोरियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। हाल के महीनों की घटनाओं पर गौर करें तो 30 जनवरी को कांशीराम कॉलोनी निवासी अखबार के अभिकर्ता दीपक सक्सेना के घर में सरेशाम चोरों ने नकदी समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का माल समेटा, उसके बाद से सिलसिला ऐसा चला कि तीन दिन बाद बसोमा के चार घरों फिर अगले सप्ताह कछला की दो दुकानों में चोरी की घटनाएं सामने आईं। पिछले दिनों किलाखेड़ा मोहल्ले में कपड़ा व्यापारी कालीचरन शर्मा के घर से चोर 2.5 लाख रुपया नकद और लाखों रुपया कीमत के जेवरात चोरी कर ले गए। इसके अलावा चोरों ने 10 मार्च की रात एपीएम पीजी कॉलेज में घटना का अंजाम दिया। कॉलेज कैंपस और कपड़ा व्यापारी के घर में चोरी की घटना के बाद पुलिस की फोरेंसिक टीम ने भी तहकीकात की थी। चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस सूत्रों की माने तो बड़ी वारदात बगैर रेकी के नहीं हो सकतीं और ऐसी घटनाओं को कोई अकेला एक चोर अंजाम नहीं दे सकता। चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं होने से नागरिकों की नींद उड़ गई है।
विज्ञापन

----------
यह कहते हैं पीड़ित


फोटो- 13 बीडीएनयूजेएचपीएच-04
व्यापार भी हो गया प्रभावित
किलाखेड़ा मोहल्ले के कालीचरन शर्मा ने बताया कि चोरी की घटना में ढाई लाख रुपये नकद चले जाने से सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें कपड़े के व्यापार को संचालित करने में आ रही है। इन्हीं रुपयों से टर्नओवर बना था। सोमवार को पुलिस से बात की तो चोरों को पकड़ लिए जाने का भरोसा दिलाया गया है।
विज्ञापन

------
फोटो- 13 बीडीएनयूजेएचपीएच-05
क्या पता कब पकड़े जाएंगे चोर
कॉशीराम आवासीय कॉलोनी में रहने वाले दीपक सक्सेना कहते हैं कि घर में चोरी की घटना के बाद उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई दो-तीन साल में भी नहीं कर पाएंगे। पुलिस के पास पहुंचो तो एक ही आश्वासन मिलता है कि तहकीकात कर रहे हैं। शक में एक शख्स का नाम पुलिस को बताया भी लेकिन उसे क्लीन चिट दे दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें