बदायूं। मुजरिया क्षेत्र के ग्राम खंगार नगला में शाहबुद्दीन की हत्या के मामले में पुलिस भी असमंजस में नजर आ रही है। परिजन कह रहे हैं कि करीब 12 बजे तीन-चार बदमाश उनके घर में घुस आए, दो घंटे तक घर में रहे और दो बजे शाहबुद्दीन की हत्या करके फरार हो गए। वहीं पुलिस की मानें तो उस वक्त परिजनों की मौजूदगी और उनकी तरफ से कोई विरोध न होना संदेह पैदा कर रहा है।
मंगलवार रात खंगार नगला निवासी शाहबुद्दीन (45) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने उसका गला भी रेत दिया था। सूचना पर थाना पुलिस दूसरे दिन सुबह मौके पर पहुंची थी। उस समय परिवार वालों ने पुलिस को बताया था कि शाहबुद्दीन के बराबर में उसकी पत्नी फरीदन और उसके बेटा-बहू सो रहे थे। रात करीब 12 बजे घर में कुछ बदमाश घुस आए और करीब दो घंटे तक घर में रहे। इस दौरान हमलावरों ने शाहबुद्दीन के ऊपर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिये और उसके बाद उसका गला रेत दिया। करीब तीन बजे परिवार वाले शाहबुद्दीन को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि तभी उसकी मौत हो गई। शाहबुद्दीन के शरीर पर 13 वार किए गए थे। इस मामले में शाहबुद्दीन की पत्नी फरीदन ने सहसवान कोतवाली क्षेत्र के तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले की जांच कर रही पुलिस असमंजस में है। पुलिस की मानें, तो बदमाश शाहबुद्दीन के घर में दो घंटे तक रहे और परिवार के किसी अन्य सदस्य से नहीं बोले, न ही उन्होंने घर में कोई लूटपाट की और न ही परिवार का कोई सदस्य इस घटना में घायल है। इससे मामला संदिग्ध लग रहा है।
शाहबुद्दीन की हत्या के मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। परिवार वालों के बयानों में झोल नजर आ रहा है। पहले इसे पुष्ट किया जाएगा, तभी आगे की जानकारी मिलेगी। फिलहाल हत्या के संबंध में कोई सुराग नहीं लगा है।
-धर्मेंद्र सिंह, एसओ मुजरिया