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प्राइवेट अस्पताल में मारपीट करने वालों पर रिपोर्ट

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निजी अस्पताल में मारपीट
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करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज
एक नामजद, आठ-दस लोग अज्ञात, सभी फरार, पुलिस कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में मारपीट और तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। डॉक्टर का आरोप है कि तीमारदारों ने चैंबर में घुसकर उनसे मारपीट की थी। इस मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
यह मामला आईएमए सचिव डॉ. शरद गुप्ता के अस्पताल का है। दो दिन पहले उझानी निवासी उमेश राठौर ने अपने दो बेटों लव और कुश को डायरिया होने पर डॉ. शरद गुप्ता के अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल कर्मचारी अंकुर यादव के मुताबिक उमेश ने रुपयों की समस्या बताई थी। इससे दोनों बच्चों को जनरल वार्ड में भर्ती कर लिया गया। जनरल वार्ड में मरीजों के लिए दो कूलर और पंखे लगे थे। इस वार्ड में अन्य मरीज भी थे परंतु उमेश ने शिकायत की थी कि उन्हें घुटन महसूस हो रही है। उन्होंने स्वेच्छा से मंगलवार सुबह बच्चों की छुट्टी करा ली। आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने अपने साथियों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया मगर पुलिस के मौके से जाते ही आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।
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डॉ. शरद गुप्ता का आरोप है कि हमलावरों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ की। चैंबर में घुसकर उनके साथ भी मारपीट की। यह सारी घटना अस्पताल में लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद है। सिविल लाइंस थाने में अस्पताल कर्मचारी अंकुर यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें उमेश राठौर को नामजद किया गया है, और आठ-दस लोग अज्ञात हैं। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। उधर, दूसरे पक्ष ने एसएसपी को प्रार्थना पक्ष देकर अस्पताल वालों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
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इंस्पेक्टर सिविल लाइन देवेश सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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