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चुनाव में जेल से ही गड़बड़ी फैला सकते हैं 11 शातिर

Sat, 11 Nov 2017 12:32 AM IST
बदायूं।
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‌जिला कारागार। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। 
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निकाय चुनाव शांतिपूर्वक तरीके से कराने के लिए जहां पुलिस-प्रशासन चौकन्ना है, वहीं कुछ सफेदपोश इसे प्रभावित करने के तरीके तलाश रहे हैं। जेल में बंद उनके खास गुर्गे भी अपने नेटवर्क के जरिए चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। जेल प्रशासन ने इस बारे में अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीएम को सौंपी तो वह भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने मामला एसएसपी को सौंप दिया। एसएसपी ने एसपी सिटी और देहात से इसकी रिपोर्ट तलब की है। 
जिला जेल से प्रशासन को मिले इनपुट के मुताबिक जेल में बंद 11 लोग काफी शातिर छवि के हैं। जेल में उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। वह जेल के नियमों को भी दरकिनार करके अपना प्रभुत्व जमाना चाहते हैं। अक्सर यह जेल में अतिरिक्त सुविधाएं चाहते हैं और इन्हें गंभीरता से न लेने पर यह जनप्रतिनिधियों से फोन कराकर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए इन बंदियों की भूमिका की अलग से जांच कराने की जरूरत है। डीएम ने इस प्रकरण को एसएसपी के हस्तगत कर दिया। एसएसपी चंद्रप्रकाश ने एसपी सिटी कमल किशोर और एसपी देहात डॉ. एसपी सिंह के हवाले कर दिया है। उनसे इस पर त्वरित जांच कराकर रिपोर्ट तलब की गई है। बता दें कि इनमें से तीन बंदी पड़ोसी जिला संभल के हैं जो पहले बदायूं जिले का ही हिस्सा था। चार बंदी जरीफनगर थाना क्षेत्र के हैं तो एक गोरखपुर का शातिर चंदन है। 
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इन बंदियों पर है नजर 
-हमवीर पुत्र महावीर, गांव सिमरई थाना जरीफनगर
-राजेंद्र पुत्र नंदराम, गांव अहरोला थाना गुन्नौर जिला संभल 
-ब्रह्मचारी पुत्र बदन सिंह, गांव भगतानगला, थाना उघैती 
-ऋषिपाल पुत्र रामकुमार, गांव गुरेठा थाना धनारी, जिला संभल 
-लेखराज पुत्र रामसिंह, गांव पाठकपुर, थाना रजपुरा जिला संभल
-शेर सिंह उर्फ शेरा पुत्र लल्लू, गांव कांकसी थाना जरीफनगर 
-जुगलकिशोर पुत्र रामप्रकाश, गांव थानपुर, थाना जरीफनगर 
-जगपाल पुत्र रामभरोसे, गांव बनिया, थाना कैंट जिला बरेली 
-रवि उर्फ रविया पुत्र अवरीन, गांव मालपुर ततेरा, जरीफनगर 
-ओमकार पुत्र वीरेंद्र, गांव बिलहत थाना बिनावर 
-चंदन पुत्र देवकी नंदन, गांव कुसेरा थाना चिलुआताल जिला गोरखपुर 
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बंदियों की भूमिका की जांच के निर्देश मिले हैं। इस पर जांच के बाद उच्चाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी 
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इन बंदियों की गतिविधियां ठीक नहीं हैं। इसलिए संदेह के तौर पर इनकी रिपोर्ट भेजी गई थी। इन पर खास नजर रखी जा रही है। इनसे मिलने आने वाले लोगों पर भी नजर है। 
- प्रेम सागर शुक्ला, जेलर जिला कारागार
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