बदायूं। शनिवार को 320 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा गया नगर पंचायत सखानूं का बाबू पुलिस की छानबीन में बेकसूर निकला। उसे फंसाने के लिए दो युवकों ने डुप्लीकेट चाबी बनवाकर उसकी बाइक की डिक्की में अफीम रखी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही उनके पास से डुप्लीकेट चाबी भी बरामद की है।
रविवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार शाम अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी वसीम और दबीर निवासी ग्राम नैथू थाना अलापुर ने सिविल लाइंस पुलिस को सूचना दी कि कचहरी तिराहे पर जेल बैरक के पास एक बाइक खड़ी है। उसकी डिक्की में अफीम रखी हुई है। दोनों युवक पुलिस को इशारा करके चले गए। इसके बाद सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओपी गौतम ने बाइक के आसपास पुलिस टीम को लगा दिया। जैसे ही बाइक सवार ने आकर बाइक में चाबी लगाई कि तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसकी बाइक की तलाशी ली गई। डिक्की खुलवाकर देखी तो उसमें 320 ग्राम अफीम रखी मिली। इस पर पुलिस बाइक सवार को थाने ले गई, जहां पूछताछ में उसने अपना नाम जहीरउल हसन निवासी वार्ड नंबर आठ सखानूं थाना अलापुर बताया। उसने कहा कि वह नगर पंचायत सखानूं में लिपिक के पद पर तैनात है। उसे नहीं पता कि बाइक की डिक्की में अफीम कहां से आई। शनिवार देर रात तक उससे पूछताछ चलती रही, जिसके बाद पुलिस ने सूचना देने वाले वसीम और दबीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिस पर दोनों ने बताया कि जहीरउल हसन उनका कोई काम नहीं करता था। उससे चेयरमैन का बेटा भी बहुत परेशान था। उन्होंने 40 हजार रुपये में अफीम खरीदी। फिर डुप्लीकेट चाबी बनवाकर जहीरउल हसन की बाइक की डिक्की में रख दी। जैसे ही बाबू बदायूं आया और उसने कचहरी तिराहे पर बाइक खड़ी की, तभी उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
अपने बिछाए जाल में खुद फंसे षडयंत्रकारी
- कहते हैं कि जो दूसरों को गिराने के लिए गड्ढा खोदता है, वह पहले खुद गिरता है। नगर पंचायत के बाबू को फंसाने वालों के साथ भी यही हुआ। उन्होंने प्लान तो अच्छा बनाया था, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से वे खुद ही पकड़े गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसके अलावा दोनों पर षडयंत्र रचने की अलग से कार्रवाई की गई है।
लावेला चौक पर बनवाई गई थी डुप्लीकेट चाबी
- बाइक की डिक्की की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए षडयंत्रकारी युवक काफी समय से लगे थे। बाबू जहीरउल हसन अपनी बाइक नगर पंचायत कार्यालय में खड़ी करता था। वह बाइक खड़ी करके अपने काम में लग जाता। तभी वसीम और दबीर चाबी का मिलान करते, फिर उस चाबी को ले जाकर लावेला चौक पर घिसवाते थे। इस तरह दोनों ने लावेला चौक के कई चक्कर लगाए। अंत में चाबी तैयार हो गई और वे अपने प्लान में सफल हो गए।
पुलिस ने दिखाई सूझबूझ तो बचा बाबू
-320 ग्राम अफीम नगर पंचायत सखानूं के बाबू जहीरउल हसन की बाइक की डिक्की से बरामद हुई थी, लेकिन जहीरउल के इरादे तस्करों वाले नहीं लग रहे थे। हालांकि शुरुआत में पुलिस भी उसे दोषी मान रही थी, लेकिन एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर की सूझबूझ से सच्चाई उजागर हो गई।