उझानी (बदायूं)। कछला रेलवे स्टेशन के पास नदी में चार दिन पहले बरामद नर कंकाल को धीरज यादव का होने का दावा कर रहे माता-पिता ने गुरुवार को पुलिस के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर अपना ब्लड सैंपल दिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस नरकंकाल को भी अपने कब्जे में ले चुकी है। डीएनए टेस्ट लखनऊ की प्रयोगशाला में होगा।
टेस्ट से जुड़ी औपचारिकता पूरी कराने के लिए कछला चौकी इंचार्ज राकेश कुमार वर्मा गुरुवार सुबह सांवती नगला पहुंचे। चौकी इंचार्ज ही बेटे करन सिंह के साथ उसके पिता दीपसिंह और मां रामस्नेही को जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में धीरज के माता-पिता का ब्लड सैंपल लिया गया। दीपसिंह का बेटा धीरज यादव (25) करीब छह महीना से लापता है। चार दिन पहले नदी में जब नरकंकाल मिला तो घरवालों ने उसे धीरज का बताते हुए कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने अपहरण के केस को हालांकि अभी हत्या में तरमीम नहीं किया है लेकिन नरकंकाल का पोस्टमार्टम कराने के बाद डीएनए टेस्ट कराने के लिए उसे कब्जे ले लिया था। कंकाल धीरज का ही है, इसे पुष्ट करने के लिए माता-पिता या किसी अन्य परिजन का ब्लड सैंपल आवश्यक था। एसएसआई रामऔतार सिंह ने बताया कि डीएनए टेस्ट लखनऊ में होगा। कंकाल और ब्लड का सैंपल लखनऊ की प्रयोगशाला में पहुंचाने के लिए पुलिस कर्मी सुबह रवाना कर दिया जाएगा। बता दें कि धीरज के अपहरण में करन सिंह की सूचना पर पुलिस नवंबर में ही दहेमू गांव की तीन लड़कियों को नामजद कर चुकी है। तीनों लड़कियां देहाती वीडियो बनाने में धीरज की साथी कलाकार रही हैं।
एक और आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, पूछताछ शुरू
धीरज यादव के मामले में कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात में एक और आरोपी को दबोच लिया। पहले से ही पुलिस की हिरासत में मौजूद दूसरे युवक से उसका सामना भी कराया गया लेकिन दोनों में से पुलिस को अब तक कोई ठोस सुबूत नहीं मिल पाया है। पुलिस ने तीनों लड़कियों की भी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल वह घर से बाहर बताई गईं हैं।